
500 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारियों के पद रहेंगे, सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी को मिलेगी आयुक्त की जिम्मेदारी
इंदौर। पिछले दिनों आवास एवं पर्यावरण मंत्रालय (Ministry of Housing and Environment) ने इंदौर-भोपाल मेट्रो पॉलिटन अथॉरिटी (Indore-Bhopal Metropolitan Region Development Authority) के गठन की अधिसूचना जारी की थी, जिसमें भोपाल में 1295 वर्ग किलोमीटर का एरिया, तो उज्जैन-इंदौर मेट्रो पॉलिटन रीजन में 16 हजार .87 वर्ग किलोमीटर, इस तरह कुल 28 हजार 95 वर्ग किलोमीटर का एरिया इन दोनों रीजन में तय किया गया है। अब इस पर अमल के लिए महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण का प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न श्रेणी के विशेषज्ञ, कंसल्टेंट के साथ जनप्रतिनिधि भी शामिल किए जाएंगे।
नगरीय विकास और आवास मंत्रालय ने महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रशासनिक ढांचे को तैयार करने की तैयारी कर ली है और इससे संबंधित प्रस्ताव को विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पास भेजा है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि इंदौर-भोपाल मेट्रो पॉलिटन अथॉरिटी जल्द ही मैदानी काम शुरू करे, क्योंकि इसके गठन की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। इंदौर मेट्रो पॉलिटन रीजन को अवश्य चार बार विस्तारित किया गया और इंदौर-उज्जैन सहित आधा दर्जन जिले इसमें शामिल किए गए हैं। इसमें देवास, धार, शाजापुर, रतलाम भी शामिल है। इन सभी 6 जिलों की 38 तहसीलों के 2781 गांव इसमें लिए गए हैं। इंदौर का शत-प्रतिशत हिस्सा इस मेट्रो पॉलिटन एरिया में शामिल है, तो उज्जैन का 57 फीसदी हिस्सा इसमें लिया गया है। हालांकि एक फिजूल का विवाद नाम को लेकर खड़ा किया गया और उज्जैन-इंदौर मेट्रो पॉलिटन एरिया को लेकर कई लोगों ने आपत्ति भी ली। इंदौर का नाम पहले रखने की मांग की गई। हालांकि अभी तक घोषित रूप से शासन ने इस बारे में निर्णय नहीं लिया है कि नाम क्या होगा। अलबत्ता प्रशासनिक ढांचा तैयार करने की तैयारी अवश्य कर ली है। प्राधिकरण में सबसे बड़ा पद आयुक्त यानी कमिश्रर का होगा, जो कि सचिव स्तर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहेंगे। वहीं मेट्रो पॉलिटन के अध्यक्ष तो मुख्यमंत्री ही होंगे। वहीं अन्य ढांचे को किस रूप में तैयार किया जाए, उसकी विभागीय तैयारी इन दिनों चल रही है। 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इसमें लगेंगे, जिनकी विभागों से नियुक्ति करने के अलावा निजी क्षेत्र से भी नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें प्रशासनिक, वित्त, लेखा, तकनीक, नियोजन से लेकर भूमि प्रबंधन सहित विशेषज्ञों को भी लिया जाएगा। सडक़ परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास से लेकर अन्य तरह की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्टोंका क्रियान्वयन भी होगा। पिछले दिनों इंदौर-भोपाल पॉलिटन एरिया का दायरा भी तय कर अधिसूचित कर दिया गया है। भोपाल मेट्रो पॉलिटन में सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ व नर्मदापुरम जिले के 2510 गांव शामिल किए गए हैं, तो इसका क्षेत्रफल 12095 वर्ग किलोमीटर, तो इसी तरह उज्जैन-इंदौर मेट्रो पॉलिटन एरिया को भी अधिसूचित किया है, इसमें 16000.87 वर्ग किलोमीटर का एरिया लिया गया है।
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