
इंदौर। शहर में बेसहारा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए नगर निगम द्वारा अशापुरा में तैयार की जा रही प्रदेश की सबसे बड़ी गौशालाओं में शामिल परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मंगलवार को गौशाला का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान एमआईसी सदस्य निरंजन चौहान (गुड्डू), मध्यप्रदेश गौ सेवक स्वामी अच्युतानंद, अपर आयुक्त मनोज पाठक, नगर निगम के अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि नगर निगम पहले परिषद क्षेत्र स्थित रेशम केंद्र के सामने संचालित गौशाला में करीब 600 गौवंश का संरक्षण करता था। आज निगम की विभिन्न गौशालाओं में 2,500 से अधिक गौवंश का सर्वसुविधायुक्त वातावरण में पालन-पोषण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से अशापुरा क्षेत्र में करीब 80 बीघा भूमि उपलब्ध कराई गई, जहां जनभागीदारी के माध्यम से रिकॉर्ड समय में 10 हजार गौवंश की क्षमता वाली आधुनिक गौशाला तैयार की जा रही है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका लाभ शहर के बेसहारा गौवंश को मिलेगा।
महापौर ने कहा कि इंदौर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ गौसंरक्षण भी नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है। अशापुरा गौशाला तैयार होने के बाद बेसहारा गौवंश को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाओं वाला स्थायी आश्रय मिलेगा। उन्होंने परियोजना को रिकॉर्ड समय में मूर्त रूप देने के लिए मध्यप्रदेश गौ सेवक स्वामी अच्युतानंद, नगर निगम के अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी की टीम की सराहना की।
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