
छिंदवाड़ा। पांढुर्णा शहर के तीन शेर चौक स्थित करीब 300 फीट ऊंचे बीएसएनएल टॉवर पर चढ़े एक आदमी को 45 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन वह अब भी नीचे उतरने को तैयार नहीं है। सोमवार शाम शुरू हुआ यह घटनाक्रम बुधवार तक जारी रहा। बीते दो दिनों से पुलिस, प्रशासन, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और छिंदवाड़ा से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम लगातार उसे सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी है, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। शख्स के लगातार टॉवर पर डटे रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार शख्स टॉवर के सबसे ऊपरी हिस्से पर बैठा है। उसके हाथ में लोहे की एक रॉड भी है, जिसके कारण रेस्क्यू अभियान बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की जल्दबाजी या दबाव बनाया गया तो वह आदमी कोई अप्रिय कदम उठा सकता है। इसी कारण पूरी कार्रवाई अत्यंत सतर्कता और संयम के साथ की जा रही है।
बुधवार को छिंदवाड़ा से पहुंची विशेष रेस्क्यू टीम ने कई घंटे तक अभियान चलाया। टीम के सदस्य टॉवर पर चढ़े और सुरक्षित दूरी बनाकर शख्स से लगातार बातचीत करते रहे। उसे भरोसा दिलाया गया कि उसकी हर बात सुनी जाएगी और प्रशासन उसकी समस्याओं के समाधान के लिए तैयार है। इसके बावजूद शख्स किसी भी तरह नीचे आने के लिए राजी नहीं हुआ। काफी देर तक समझाइश के बाद भी जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो टीम को वापस उतरना पड़ा।
घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। टॉवर के चारों ओर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है। एम्बुलेंस, स्वास्थ्य विभाग की टीम, पुलिस बल और अन्य आवश्यक संसाधन मौके पर तैनात हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। अधिकारी लगातार टॉवर पर नजर बनाए हुए हैं और की हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।
शहर के बीचोंबीच स्थित टॉवर पर आदमी के चढ़ने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच रहे हैं। तीसरे दिन भी दिनभर लोगों की भीड़ तीन शेर चौक पर लगी रही। कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे, जबकि पुलिस को बार-बार लोगों को पीछे हटाना पड़ा। भीड़ के कारण आसपास का यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन का कहना है कि इस पूरे अभियान का उद्देश्य केवल शख्स को सुरक्षित नीचे उतारना है। इसलिए किसी प्रकार का बल प्रयोग नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि बातचीत और विश्वास कायम कर ही इस स्थिति का समाधान निकाला जा सकता है। इसके लिए शख्स के परिजनों और परिचितों की भी मदद ली जा रही है, ताकि वह उनकी बात सुनकर नीचे उतरने के लिए तैयार हो सके।
घटना के 45 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद शख्स के टावर पर चढ़ने की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस उसके परिजनों और परिचितों से जानकारी जुटा रही है। वहीं शहरभर में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने की अपील की है।
फिलहाल तीन शेर चौक स्थित बीएसएनएल टॉवर पर रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। हर गुजरते घंटे के साथ प्रशासन की चिंता बढ़ रही है, लेकिन अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि धैर्य, संवाद और सावधानी के बल पर उस आदमी को सुरक्षित नीचे उतार लिया जाएगा।
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