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सिर्फ कुछ सेंटीमीटर ऊंची यह पहाड़ी बनी दुनिया भर में चर्चा का विषय बिना ट्रेनिंग हर कोई बन जाता है पर्वतारोही

July 20, 2026

 

नई दिल्ली।दुनिया(world) के सबसे ऊंचे पर्वतों (highest mountains conjures)का नाम आते ही लोगों के मन में माउंट एवरेस्ट(Mount Everest) हिमालय और कंचनजंगा(Kangchenjunga) जैसी विशाल चोटियों की तस्वीर उभर आती है। इन पर्वतों पर चढ़ना साहस धैर्य और कठिन प्रशिक्षण की मांग करता है। लेकिन इन सबके बीच एक ऐसी जगह भी चर्चा में है जिसे दुनिया की सबसे छोटी पहाड़ी कहा जा रहा है। यह जगह अपने आकार से ज्यादा अपने अनोखे दावे और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की वजह से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।

सोशल मीडिया पर इसे माउंट पॉल्ट्री के नाम से प्रचारित किया जा रहा है। दावा किया जाता है कि इसकी ऊंचाई केवल कुछ सेंटीमीटर है और कई पोस्ट में इसे लगभग सात सेंटीमीटर ऊंचा बताया गया है। यही वजह है कि यहां पहुंचने वाले लोग मजाकिया अंदाज में खुद को दुनिया की सबसे छोटी पहाड़ी का विजेता बताते हुए फोटो और वीडियो साझा करते हैं। हालांकि इस दावे की किसी आधिकारिक भूगोल या वैज्ञानिक संस्था द्वारा पुष्टि नहीं की गई है और इसे अधिकतर इंटरनेट पर वायरल सामग्री के रूप में ही देखा जाता है।

इस कथित पहाड़ी की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां किसी विशेष प्रशिक्षण या पर्वतारोहण उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती। जहां बड़े पर्वतों पर चढ़ने में कई दिन लग जाते हैं वहीं इस छोटे प्राकृतिक उभार को बच्चे बुजुर्ग और यहां तक कि पालतू जानवर भी कुछ ही कदमों में पार कर लेते हैं। यही सरलता इसे लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनाती है और परिवारों के लिए यह एक मनोरंजक अनुभव बन जाता है।


  • पिछले कुछ वर्षों में दुनिया भर में क्वर्की टूरिज्म यानी अनोखी और अलग तरह की जगहों पर घूमने का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग अब केवल प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि ऐसी जगहों की तलाश करते हैं जिनकी कहानी रोचक हो और जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया जा सके। माउंट पॉल्ट्री भी इसी वजह से चर्चा में आया है। यहां आने वाले पर्यटक कुछ सेकंड की चढ़ाई को भी खास उपलब्धि की तरह पेश करते हैं और मजेदार कैप्शन के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हैं।

    हालांकि भूगोल के विशेषज्ञ किसी स्थान को पहाड़ या पर्वत मानने के लिए उसकी ऊंचाई प्राकृतिक संरचना और भौगोलिक विशेषताओं का अध्ययन करते हैं। ऐसे में इतनी कम ऊंचाई वाले प्राकृतिक उभार को अधिकतर विशेषज्ञ पहाड़ी की बजाय छोटा टीला या प्राकृतिक उभार मानते हैं। इसलिए माउंट पॉल्ट्री को दुनिया की सबसे छोटी पहाड़ी कहना एक लोकप्रिय दावा जरूर है लेकिन इसे स्थापित भौगोलिक तथ्य नहीं माना जाता।


  • फिर भी इस अनोखी जगह ने यह साबित कर दिया है कि किसी स्थान की लोकप्रियता केवल उसके आकार से तय नहीं होती। जहां एक ओर दुनिया की ऊंची चोटियां साहस और रोमांच का प्रतीक हैं वहीं दूसरी ओर इस तरह की छोटी और अनोखी जगहें लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करती हैं। यही कारण है कि इंटरनेट पर माउंट पॉल्ट्री लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे देखने तथा अपनी यादगार तस्वीरें लेने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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