देहरादून/बद्रीनाथ। बद्रीनाथ धाम (Badrinath Dham) में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से कथित हेराफेरी के मामले में जांच तेज हो गई है। इस प्रकरण की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि फुटेज के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं को कथित रूप से अलग कर जेब में रखा जाता था।
पुलिस के अनुसार, मामले की शिकायत मिलने के बाद बद्रीनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआती जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पहले आरोपी प्रमोद नौटियाल को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।
एसआईटी ने अलग-अलग तारीखों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की और संबंधित कर्मचारियों व गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के स्थायी कर्मचारी और उस समय चढ़ावे की थाली की गिनती के प्रभारी राजेंद्र चौहान ने कथित रूप से प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर चढ़ावे में मिली नकदी और अन्य वस्तुओं की हेराफेरी की।
पुलिस के मुताबिक 22, 25 और 29 जून की रिकॉर्डिंग में राजेंद्र चौहान कथित तौर पर कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान में मिली वस्तुएं और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)(a) भी जोड़ी गई और राजेंद्र चौहान को सह-आरोपी बनाया गया।
पुलिस टीम 17 जुलाई को राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से पूछताछ के लिए बद्रीनाथ थाने लाई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रमोद नौटियाल पर आरोप है कि उसने अलग-अलग अवसरों पर काउंटिंग रूम से 500 रुपये के नोट, सोने-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला और केसर का पैकेट कथित रूप से निकालकर अपने कब्जे में ले लिया था। मामले के सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने उसे निलंबित कर विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी थी।
मंदिर समिति के आदेश के अनुसार, प्रमोद नौटियाल को 3 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उस समय उसके आधिकारिक कार्यों में अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। बाद में पुलिस जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की गई।
फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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