जयपुर। राजधानी जयपुर (Jaipur) के परकोटा क्षेत्र स्थित त्रिपोलिया बाजार (Tripolia Bazaar) के विद्याधर का रास्ता इन दिनों एक कथित खजाने की कहानी को लेकर सुर्खियों में है। एक पुश्तैनी हवेली की खुदाई के दौरान सोना, चांदी और प्राचीन सिक्के मिलने का दावा किया गया है। हालांकि इस कथित खजाने को लेकर विवाद तब गहरा गया, जब हवेली मालिक ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य से जुड़े लोगों ने बहुमूल्य सामान अपने कब्जे में कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी सरकारी एजेंसी ने खजाना मिलने की पुष्टि नहीं की है।
हवेली मालिक ने लगाए गंभीर आरोप
हवेली के मालिक राहुल सेठी ने माणक चौक थाने में दर्ज शिकायत में दावा किया है कि खुदाई के दौरान 14 से 15 कलश मिले, जिनमें सोने के सिक्के भरे हुए थे। इसके अलावा करीब 40 से 45 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिलने की बात भी शिकायत में कही गई है।
राहुल सेठी का आरोप है कि ठेकेदार और उसके साथियों ने कथित रूप से यह पूरा सामान आपस में बांट लिया और परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी।
शिकायत के मुताबिक, निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खुदाई में यदि कोई बहुमूल्य वस्तु मिले तो उसे परिवार को सौंपा जाएगा। बाद में एक मजदूर ने परिवार को कथित घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिवार को दो वीडियो भी मिले, जिन्हें पुलिस को साक्ष्य के तौर पर उपलब्ध कराया गया है।
मामले के सामने आने के बाद सेठी परिवार का इतिहास भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राहुल सेठी के दादा बद्रीनारायण सेठी 1970 के दशक में जयपुर और मुंबई के जाने-माने कारोबारियों में शामिल थे। उनका मुंबई में मिठाई का बड़ा कारोबार था।
परिवार की इस पुश्तैनी हवेली को लेकर इलाके में पहले भी कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं।
डेढ़ साल से चल रही थीं चर्चाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले जब हवेली को तोड़ा जा रहा था, तभी से इलाके में यह चर्चा फैल गई थी कि खुदाई के दौरान कोई कीमती सामान मिला है।
हालांकि अधिकांश लोगों का कहना है कि उन्होंने स्वयं ऐसा कोई खजाना नहीं देखा। वे केवल इलाके में फैली चर्चाओं और अफवाहों के बारे में जानते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यदि वास्तव में कोई खजाना मिला है तो उसका अधिकार कानूनी रूप से जिस पक्ष का बनता है, उसी को मिलना चाहिए। वहीं कई लोग पूरे मामले को केवल आरोप और दावों तक सीमित मान रहे हैं।
ऐतिहासिक क्षेत्र होने से बढ़ी उत्सुकता
विद्याधर का रास्ता जयपुर के सबसे पुराने इलाकों में गिना जाता है। यहां आज भी कई ऐतिहासिक हवेलियां मौजूद हैं, जिनसे जुड़ी कई लोककथाएं और दंतकथाएं प्रचलित हैं। इसी वजह से कथित खजाने की खबर ने लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है तथा सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पुलिस कर रही है साक्ष्यों की जांच
जयपुर पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पेन ड्राइव समेत उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए जब्त किया गया है। संबंधित लोगों से पूछताछ की जाएगी और वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने और तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हवेली से वास्तव में कोई खजाना मिला था या यह केवल दावा है। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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