
चित्तौड़गढ़/देवास। ‘सेठों के सेठ’ कहे जाने वाले चित्तौड़गढ़ जिले (Chittorgarh district) में स्थित सुप्रसिद्ध श्री सांवरिया सेठ मंदिर (Shri Sanwariya Seth Temple) में भक्तों की श्रद्धा और दान-पुण्य की एक से बढ़कर एक मिसालें अक्सर देखने को मिलती हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास जिले के सोनकच्छ से आए एक भक्त परिवार ने भगवान श्री सांवरिया सेठ के प्रति अपनी अटूट आस्था जताते हुए मंदिर में भारी-भरकम चांदी का चढ़ावा अर्पित किया है. इसके साथ ही एक अन्य श्रद्धालु ने भगवान के लिए बेशकीमती सोने की बांसुरी भेंट की है।
दरअसल, मध्य प्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ निवासी श्रद्धालु परिवार ने कुल 19 छोटी-छोटी चांदी की सिल्लियां भगवान के श्री चरणों में अर्पित कीं। इन सभी सिल्लियों का कुल वजन लगभग 11 हजार 400 ग्राम है, जिसकी वर्तमान बाजार दर के अनुसार अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
परिवार ने पहले इन सिल्लियों को भगवान के चरणों में छुआया और फिर विधिवत रूप से सांवरिया सेठ मंदिर मंडल को सुपुर्द कर आधिकारिक रसीद प्राप्त की. इस दौरान मंदिर मंडल की ओर से दानदाता परिवार का अंगवस्त्र, भगवान की छवि और चरणामृत-प्रसाद देकर स्वागत व सम्मान किया गया।
137 ग्राम सोने की बांसुरी से सजेगी सांवरिया जी की अधर
चांदी की सिल्लियों के अलावा मंदिर में आस्था का एक और अनूठा नजारा तब देखने को मिला जब एक अन्य श्रद्धालु ने भगवान सांवरिया सेठ के लिए 137 ग्राम वजनी सोने की बांसुरी अर्पित की।
इस भव्य स्वर्ण बांसुरी की कीमत भी लगभग 20 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है. भगवान के श्रीविग्रह के हाथों में जब यह बांसुरी सुशोभित होगी, तो उनका रूप और भी मनमोहक लगेगा।
हर महीने खुलता है करोड़ों का दानपात्र
सांवरिया सेठ मंदिर मंडल के अनुसार, यहां हर महीने जब कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर दानपात्र खोला जाता है, तो उसमें से करोड़ों रुपये की नकद राशि निकलती है। इसके अलावा देश-विदेश से आने वाले भक्तजन ऑनलाइन डोनेशन के जरिए, चेक से, और भारी मात्रा में सोना-चांदी आभूषणों व सिल्लियों के रूप में भगवान के चरणों में सहर्ष अर्पित करते हैं। यही नहीं, व्यापार में साझेदारी मानने वाले भक्त सांवरिया जी को अपना बिजनेस पार्टनर मानकर मुनाफा होने पर अपना तय हिस्सा यहां दान करने आते हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved