
जबलपुर। नरसिंहपुर के चर्चित हाइवा हत्याकांड में स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित खरे की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण में अस्पताल के संचालन से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आने के बाद अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
साथ ही अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए एक माह के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच टीम ने अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, स्टाफ, दवाओं और वैधानिक दस्तावेजों का परीक्षण किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण कमियां पाई गईं। इस दौरान गंभीर तथ्य यह सामने आया कि अस्पताल में निर्धारित मानकों के अनुरूप योग्य चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ की भी कमी पाई गई। अस्पताल में संचालित सेवाएं आवश्यक मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर अधिकारियों ने इसे मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना। टीम को अस्पताल में विधिवत संचालित फार्मेसी भी नहीं मिली। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों में भी कई विसंगतियां सामने आने की जानकारी अधिकारियों ने दी। कार्रवाई के समय अस्पताल में भर्ती 8 मरीजों को तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित कराया। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने अस्पताल का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कराते हुए भवन को सील कर दिया। साथ ही अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि बिना निर्धारित मानकों के किसी भी अस्पताल का संचालन मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved