
डेस्क: अगर आप एआई चैटबॉट पर निजी जानकारी शेयर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. एंथ्रोपिक के Claude एआई की कुछ निजी चैट्स हाल ही में गूगल सर्च में दिखाई देने लगीं. इनमें क्रिप्टो वॉलेट की, निजी जानकारी और दूसरी संवेदनशील डिटेल्स भी शामिल थीं. कंपनी का कहना है कि यह समस्या उसके सिस्टम की नहीं, बल्कि यूजर्स द्वारा चैट शेयर करने के तरीके की वजह से हुई. चलिए जानते हैं पूरा मामला.
रिपोर्ट के मुताबिक, क्लाउड में एक शेयर फीचर है, जिससे यूजर अपनी बातचीत का लिंक बनाकर दूसरे लोगों के साथ साझा कर सकते हैं. Reddit पर कुछ यूजर्स ने देखा कि गूगल पर खास शब्द सर्च करने पर Claude की कई शेयर की गई चैट्स और क्लाउड आर्टिफैक्ट्स दिखाई दे रहे थे. इसके बाद प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ गई. इन चैट्स में कुछ संवेदनशील जानकारी भी नजर आई.
एंथ्रोपिक ने कहा कि कंपनी ने खुद किसी भी चैट को गूगल पर सर्च होने लायक नहीं बनाया था. कंपनी के अनुसार, यूजर्स को अपनी क्लाउड चैट सार्वजनिक रूप से शेयर करने का विकल्प दिया जाता है और वह सर्च इंजन को चैट की कोई डायरेक्टरी या साइटमैप उपलब्ध नहीं कराती. हालांकि, अगर कोई यूजर शेयर लिंक बना देता है, तो वह लिंक थर्ड पार्टी सर्विस के जरिए आर्काइव हो सकता है और बाद में सर्च इंजन में भी दिखाई दे सकता है. कंपनी ने अब इस समस्या को ठीक कर दिया है और गूगल सर्च से ऐसे लिंक हटवा दिए हैं. हालांकि, जिन लोगों के पास पहले से लिंक मौजूद है, वे अब भी उसे खोल सकते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग एआई चैटबॉट में अक्सर काम, स्वास्थ्य, कानूनी मामलों या निजी जिंदगी से जुड़ी बातें लिखते हैं. ऐसे में अगर शेयर किया गया लिंक सार्वजनिक हो जाए, तो संवेदनशील जानकारी भी सामने आ सकती है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इससे पहले ChatGPT की लगभग 1 लाख चैट्स और एलन मस्क के Grok चैटबॉट से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आ चुका है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि एआई कंपनियों के लिए शेयर किए गए चैट लिंक से जुड़े प्राइवेसी जोखिम को पूरी तरह खत्म करना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है.
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