कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले (Katni district) में एक सरकारी शिक्षक की गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहरा गया है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलहरी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक वरुण नायक (Teacher Varun Nayak) को पुलिस ने स्कूल परिसर में कथित हंगामा, मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब शिक्षक ने एक सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद शिक्षा व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार को लेकर बयान दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया।
सोशल मीडिया वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
25 जुलाई को आयोजित एक प्रदर्शन के बाद वरुण नायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, कथित नकल प्रथा और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। वीडियो के वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने 28 जुलाई को उनके निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
स्कूल पहुंचने पर हुआ विवाद
पुलिस और स्कूल प्रशासन के अनुसार, 30 जुलाई की सुबह वरुण नायक बिलहरी स्थित स्कूल पहुंचे। प्राचार्य देवेंद्र कुमार तिवारी की शिकायत के मुताबिक, निलंबन आदेश सौंपे जाने पर शिक्षक ने कथित तौर पर आदेश फाड़ दिया, अभद्र व्यवहार किया और स्कूल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिक्षक ने एक पूर्व प्राचार्य के साथ मारपीट की और बीच-बचाव करने आए कर्मचारियों से भी धक्का-मुक्की की।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का आरोप है कि समझाने का प्रयास करने पर शिक्षक ने पुलिसकर्मियों के साथ भी कथित तौर पर हाथापाई की, जिससे एक जवान को चोट आई। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
प्राचार्य की शिकायत के आधार पर बिलहरी चौकी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपों में शासकीय दस्तावेज क्षतिग्रस्त करना, मारपीट, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा डालना और धमकी देना शामिल है। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
शिक्षक का पक्ष
शिक्षक का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई है। उनका कहना है कि निलंबन और गिरफ्तारी उनके सार्वजनिक बयानों का परिणाम है।
पुलिस का बयान
पुलिस ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्कूल में विवाद की सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी शिक्षक हंगामा कर रहे थे और रोकने पर पुलिसकर्मियों से भी कथित तौर पर उलझ गए। पुलिस का कहना है कि उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप निराधार हैं और पूरी कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है। शिक्षक द्वारा लगाए गए आरोप और स्कूल प्रशासन व पुलिस के दावों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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