
पिछले साल मुंबई में बनी थी, एक ही पैर पर टिकी है 2.5 क्विंटल की प्रतिमा
इन्दौर। इंदौर (Indore) में इस साल मिट्टी (Soil) की अनूठी गणेश प्रतिमा(Ganesha idol) तैयार हुई है, जो बैलेंसिंग (Balancing) प्रतिमा है और एक ही पैर पर पूरी प्रतिमा टिकी हुई है। इंदौर के मूर्तिकार अतुल पाल और उनकी टीम ने इस प्रतिमा को ढाई महीने में तैयार किया है। कल प्रतिमा बेहद सावधानी से राजगढ़ के लिए भेजी जाएगी।
बीते साल मुंबई में तैयार इस तरह की प्रतिमा इंटरनेट पर छाई थी। 45 डिग्री के कोण पर बैलेंस, एक पैर पर पूरी प्रतिमा को टिकाया जाता है। राजगढ़ के लिए इंदौर में हर साल गणेश प्रतिमा तैयार की जाती है। इस साल उन्होंने मूर्तिकारों से इस तरह की मिट्टी की प्रतिमा तैयार करने के लिए कहा, लेकिन काम कठिन होने के चलते कोई राजी नहीं हुआ, जिसके बाद पाल मूर्तिकार आर्ट्स के अतुल पाल ने इसे तैयार किया। अतुल ने बताया कि मैंने इसे एक चुनौती के तौर पर लिया और ढाई महीने की मेरी और टीम की मेहनत के बाद ये पूरी तरह तैयार है और सोमवार को ये प्रतिमा राजगढ़ ले जाई जा रही है। लोहे की गर्डर से प्रतिमा को बैलेंस करने का काम किया है और उसके बाद मिट्टी की प्रतिमा तैयार की गई है। प्रतिमा 16 फीट ऊंची और 2.5 क्विंटल वजनी है।
महीनों पहले शुरू हो जाता है काम…
इंदौर में बंगाली चौराहा स्थित कई मिट्टी की प्रतिमा बनाने के कई कारखानों में महीनों पहले ही प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू हो जाता है। हजारों प्रतिमाओं का निर्माण बंगाल से आए मूर्तिकार करते हैं। इसके लिए मिट्टी भी गंगा की लाई जाती है। बांस, घांस, सूतली से लेकर प्रतिमाओं के साजों श्रृंगार का सामान भी बाहर से आता है। शिप्रा की पीली मिट्टी से प्रतिमाओं के चेहरे, हाथों की ऊंगलियों को शेप देने का बारीक काम होता है। इस साल मंहगाई के चलते प्रतिमाओं के दाम में इजाफा हुआ है। बावजूद इसके प्रतिमाओं की मांग भी बढ़ी है।
तीन प्रतिमाएं छोटी भी बनी
इसके साथ ही तीन प्रतिमाएं इसी तरह की और तैयार की गई है, जो छोटी हैं। इंदौर में इस साल भैरव बाबा स्वरूप की प्रतिमा की मांग भी रही है, साथ ही बाल स्वरूप, जगन्नाथ स्वरूप और श्रीराम स्वरूप वाली प्रतिमाओं की मांग भी ज्यादा है।
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