वाशिंगटन। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा (Luiz Inacio Lula da Silva) ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए दुनिया में बढ़ते युद्ध और सशस्त्र संघर्षों पर चिंता जताई। 81 वर्षीय लुला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब दुनिया के कई हिस्से युद्ध की चपेट में हैं तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्या कर रहा है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सुधार और कूटनीति एवं मध्यस्थता को फिर से प्रभावी बनाने की जरूरत बताई।
लुला ने अपने संबोधन में कहा कि 2025 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सशस्त्र संघर्षों की संख्या सबसे अधिक रही। उन्होंने कहा कि हथियारों पर भारी धन खर्च किया जा रहा है, जबकि संयुक्त राष्ट्र मानवता को युद्ध के खतरे से बचाने के अपने महत्वपूर्ण दायित्व को पूरा करने में असफल हो रहा है। उनके अनुसार, संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता इस समय बेहद कमजोर स्थिति में है और सुरक्षा परिषद का गतिरोध इसका एक बड़ा कारण है।
ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि संघर्षों का समाधान सैन्य ताकत से नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और गाजा समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संकटों का उल्लेख करते हुए कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध राजनीति को आगे बढ़ाने का दूसरा तरीका नहीं, बल्कि राजनीति के खत्म होने की स्थिति है।
लुला ने ब्राजील के आंतरिक मामलों और आगामी चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ब्राजील की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव का फैसला ब्राजील के लोग करेंगे। उन्होंने देश की संप्रभुता पर जोर देते हुए कहा कि ब्राजील किसी दूसरे देश के प्रभाव क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। उनका यह बयान अमेरिका के साथ चल रहे व्यापारिक और राजनीतिक तनाव के बीच आया है।
ब्राजील में अक्टूबर 2026 में राष्ट्रपति चुनाव होना है। लुला फिर से चुनाव मैदान में हैं, जबकि दक्षिणपंथी खेमे से फ्लावियो बोल्सोनारो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में सामने हैं। फ्लावियो, पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं और 2022 के चुनाव के बाद सत्ता पलटने के प्रयास से जुड़े मामले में दोषसिद्धि के बाद नजरबंदी में हैं।
लुला ने ब्राजील की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए कहा कि अमेरिकी टैरिफ के बावजूद उनका देश इस वर्ष निर्यात का नया रिकॉर्ड बनाएगा। उन्होंने बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था पर दबाव और टैरिफ को आर्थिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आलोचना की।
लुला का यह संयुक्त राष्ट्र में दसवां संबोधन था। उन्होंने अपने भाषण में युद्ध और वैश्विक शासन के अलावा जलवायु परिवर्तन, अपराध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आर्थिक असमानता और डिजिटल क्षेत्र के नियमन जैसे मुद्दे भी उठाए।
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