
मध्य प्रदेश में गंभीर मरीजों को तुरंत इलाज मुहैया कराने वाली 108 एंबुलेंस संचालक कंपनी जय अंबे पर अब सवालों उठने लगे है। योजना के नाम करीब 948 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगा है। जिसकी शिकायत लोकायुक्त में की गई, अब लोकायुक्त ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
लोकायुक्त संगठन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संचालक को नोटिस जारी कर 25 नवंबर 2026 तक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है 108 एंबुलेंस की संचालक जय अंबे कंपनी पर आरोप है कि मरीज की जानकारी के बिना कई किलोमीटर वाहन चले, जिसकी कांग्रेस नेता पुनीत टंडन ने लोकायुक्त में की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डिंडोरी और शहडोल जिलों के कुछ रिकॉर्ड में मरीज का नाम, मोबाइल नंबर और कॉलर का विवरण दर्ज नहीं है, जबकि एंबुलेंस के चलने की दूरी का ब्योरा मौजूद है। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि जब भुगतान का आधार किलोमीटर है, तो संबंधित यात्राओं और दर्ज दूरी का सत्यापन किस आधार पर किया गया जिसके बाद नोटिस जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में आपातकालीन सेवा 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस… जो हर दिन हजारों मरीजों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन इसी जीवन रेखा के संचालन पर अब 948 करोड़ के कथित घोटाले का साया है। कांग्रेस का आरोप है कि एंबुलेंस संचालन करने वाली निजी कंपनी को नियमों को दरकिनार कर करीब 948 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं स्वास्थ राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का कहना है कि सभी भुगतान नियमानुसार हुए है, ऐसी कोई अनियमितता नहीं, जांच में सब साफ होगा।
मामला उजागर होने के बाद सवाल सीधा है जब सेवा मरीजों की जान बचाने की है, तो उसके संचालन में पारदर्शिता कितनी है? लोकायुक्त के प्रतिवेदन मांगने के बाद अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है।
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