
भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है (India is establishing its identity on global stage Today) ।
देश की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। इसी दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज स्थापित किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ मंडला एवं बालाघाट में भी मेडिकल कॉलेजों का निर्माण किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन की आर्थिक स्थिति में बाबा महाकाल के महलोक बनने के बाद बड़ा बदलाव आया है । राजधानी में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित दीपावली मिलन समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने राज्य में आ रहे बदलाव और चल रहे विकास कार्यों की चर्चा की । उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के महालोक के उद्घाटन के बाद उज्जैन की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। इसी तरह से ओंकारेश्वर कॉरिडोर, चित्रकूट और ओरछा में रामराजा सरकार के मंदिर का भी हम कायाकल्प कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आगे कहा कि हमने भगवान श्रीराम के रामराज्य, भगवान श्रीकृष्ण के काल और विक्रमादित्य के स्वर्णिम युग को केवल सुना है। स्वर्णिम काल का वास्तविक अर्थ है कि हमारी उपलब्धियां केवल बधाइयों और उत्सवों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सकारात्मक प्रतिबिंब समाज के हर क्षेत्र में दिखाई दे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी नागरिकों की खुशहाली, सुख और समृद्धि की मंगल कामनाएं की है। उन्होंने कहा है कि प्रकाश, खुशियों और सद्भावना के पर्व दीपावली का उत्सव वंचितों को अपनेपन का अनुभव और संबल प्रदान कर मनाएं। नागरिकों से पर्यावरण-अनुकूल दीपावली मनाने, पटाखों से बचने तथा वोकल फॉर लोकल के लिए स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों की खरीददारी का भी अनुरोध किया है।
राज्यपाल पटेल ने अपने संदेश में कहा है कि दीपावली पर हम अपने घरों में दीप जलाकर अंधकार दूर करते हैं, वैसे ही हमें किसी जरूरतमंद के जीवन में भी उजाला लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने अनुरोध किया है कि इस दीपावली समाज के वंचित और जरूरतमंद परिवारों के साथ खुशियां बांटने और उनके जीवन में भी दीपावली का उल्लास लाने की पहल करें। अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को वस्त्र, मिठाई, शिक्षा सामग्री अथवा दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराकर वंचितों को अपनेपन का अनुभव और संबल प्रदान करें। सहायता करते समय व्यक्ति की गरिमा, सम्मान, गोपनीयता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, प्रेम और संवेदनशीलता के साथ मदद की जाए। इस पुनीत कार्य में अपने परिजन, बच्चों और युवाओं को भी अवश्य शामिल करें, ताकि उनमें सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार विकसित हों।
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