
उज्जैन। थोक सब्जी मंडी में टमाटर की भारी आवक हो रही है। रोजाना बडी मात्रा में टमाटर मंडी में पहुंच रहा है, जिससे दाम तेजी से गिर गए हैं। वर्तमान में टमाटर की कीमत गुणवत्ता के अनुसार थोक में मात्र 8 से 10 रुपए प्रति किलो रह गई है। रिटेल में भी यह 10 से 15 रुपए किलो में बिक रहा है।
किसानों का कहना है कि एक कैरेट टमाटर की लागत 80 से 90 रुपए आती है, जिसमें तुड़ाई, गाड़ी भाड़ा, मजदूरी, बीज, खाद और दवाई का खर्च शामिल है। मौजूदा कीमतों पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के पास टमाटर को खेतों में खराब होने से बचाने के लिए मंडी में बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सर्दियों में हरी सब्जियों की अधिक उपलब्धता के कारण टमाटर की मांग कम हो जाती है, जिससे कीमतों में गिरावट आती है। गर्मियों में जब आवक घटकर 2 से 3 हजार कैरेट रह जाती है, तब कीमतें धीरे-धीरे बढऩे लगती हैं। यही टमाटर बारिश और सर्दियों में 1000 से 1200 रुपए प्रति कैरेट तक बिकता है। थोक सब्जी व्यापारियों के मुताबिक मई से लेकर अक्टूबर तक थोक में 1500 से 2000 हजार रुपए प्रति कैरेट तक भाव पहुंच गए थे। नवंबर-दिसंबर में ठंड शुरू होते ही जोरदार आवक होने से दाम और 500 से 700 रुपए प्रति कैरेट तक पहुंच गए। अब फरवरी के अंत में दाम औंधे मुंह गिर पड़े और 80 से 100 रुपए प्रति कैरेट (1 कैरेट में 25 किलो) तक आ पहुंचे। भाव ओर गिरकर 6 से 8 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए। टमाटर की फसल दो प्रकार से लगाई जाती हैं। एक तो जमीन में सीधे और दूसरे तार और बांस-बल्लियों पर बेल को चढ़ाया जाता है। जमीन पर फसल लगाने वाले किसानों को लागत कम लगती हैं, लेकिन यह टमाटर जल्दी खराब होता है। स्टोरेज में भी दिक्कत रहती है इसलिए इसकी मांग फिलहाल कम है।
बस की टक्कर से महिला घायल
उज्जैन। नरवर में गत दिवस बस चालक ने महिला को टक्कर मार दी जिससे महिला गिर पड़ी और पहिया उसके हाथ पर चढ़ा दिया। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल महिला का नाम रेशू निवासी सतारा महाराष्ट्र है।
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