
इंदौर। बडग़ोंदा नर्सरी से कुछ किलोमीटर दूर बसीपीपरी पंचायत की सीमा के अंदर महू फारेस्ट रेंज की आड़ा पहाड़ वन चौकी के इलाके में बनी भाजपाई की गौशाला तेन्दुओं के लिए शिकारगाह बन चुकी है। इस इलाके में अब तक तेंदुए इस गौशाला की 5 गायों का शिकार कर चुके हैं। जंगल में अलग-अलग जगह एक के बाद शिकार हो चुकी गायों के शव जैसे-जैसे मिलते जा रहे हैं, उस हिसाब से मुआवजा प्रकरणों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
जिस गौशाला अथवा वृद्ध गौ आश्रम को लावारिस असहाय कमजोर गायों की बेहतर परवरिश और अच्छी तरह से देखभाल के लिए बनाया गया था, मगर आवश्यक और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के चलते इसी गौशाला की अब तक 5 गायें तेन्दुओं का शिकार हो चुकी हैं।
गौशाला संचालक भाजपाई मनोज अशोक पाटीदार का कहना है कि उन्होंने इस घटना के बाद गौ शाला में सुरक्षा के लिए जाली लगवा दी है। इसके अलावा खुलीजगह को पूरी तरह से बन्द कर दिया है। इधर वन विभाग का दावा है कि घटनास्थल पर कैमरे लगा चुके हैं। गौ शाला संचालक और वन विभाग के इन दावों के बावजूद तेंदुए अलग-अलग मौके पर 3 बार हमला कर अब तक 5 गायों का शिकार कर चुके हंै। पाटीदार के मुताबिक गौशाला वाले इलाके में एक से ज्यादा तेन्दुओं का मूवमेंट जारी है। ऐसा लगता है कि तेंदुआ अपने पूरे परिवार के साथ मौजूद है। इस मामले में महू वन विभाग एसडीओ कार्यालय ने भी स्वीकार किया कि पहले तेन्दुओं का शिकार हुईं 3 गायों के मुआवजा प्रकरण बनाए जा रहे थे, मगर अब जंगल में 2 और गायों के शव मिलने के बाद 5 गायों का मुआवजा देने की कार्रवाई जारी है।
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