img-fluid

राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन में दिखे अखिलेश, खरगे के लंच से रहे दूर; क्या है वजह?

October 08, 2026

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) मंगलवार को चुनाव आयोग के खिलाफ हुए विपक्षी प्रदर्शन में साथ नजर आए। दोनों नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया, जिनमें अखिलेश यादव भी शामिल थे। हालांकि, इसके अगले ही दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित INDIA ब्लॉक के नेताओं के लंच में सपा की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।

खरगे ने बुधवार को दिल्ली के जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट में INDIA ब्लॉक के सांसदों के लिए भोज का आयोजन किया था। बैठक का उद्देश्य आगे की रणनीति पर चर्चा करना और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की अगली कार्रवाई तय करना था। लंच के बाद विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर प्रदर्शन के लिए जाने की भी कोशिश की।



  • अखिलेश लंच में क्यों नहीं पहुंचे?

    सपा की गैरमौजूदगी को लेकर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि लंच का कार्यक्रम कम समय में तय हुआ था और सहयोगी दलों को सूचना भी देर से मिली। कांग्रेस ने इसे किसी राजनीतिक मतभेद से जोड़कर नहीं देखा। शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी-एसपी के नेता भी लंच में शामिल नहीं हो सके और कांग्रेस ने उनके नहीं आने के पीछे पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों का हवाला दिया।

    हालांकि, सपा सूत्रों ने केवल देर से सूचना मिलने की बात से आगे बढ़कर कांग्रेस के साथ समन्वय को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई। रिपोर्टों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व इस बात से असहज था कि मंगलवार का प्रदर्शन INDIA ब्लॉक का साझा कार्यक्रम होने के बावजूद बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के आकाशवाणी भवन में धरने पर ज्यादा फोकस रहा। सपा सूत्रों ने कांग्रेस के समन्वय को कमजोर बताया, हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया।

    ‘लंच की वजह यह नहीं थी’

    रिपोर्टों के मुताबिक, सपा के एक सांसद ने कहा कि मंगलवार शाम प्रदर्शन खत्म होने के बाद कई सांसद अपने-अपने क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए थे और उस समय तक लंच की कोई सूचना नहीं थी। उनका कहना था कि यदि कांग्रेस ने समय रहते कार्यक्रम की जानकारी दी होती तो अखिलेश यादव या वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव दिल्ली के आसपास मौजूद सांसदों को लंच में शामिल होने के लिए कह सकते थे।

    सपा के एक नेता ने यह भी कहा कि पार्टी मंगलवार के प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के समन्वय से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी। उनके मुताबिक, यह गांधी परिवार का कार्यक्रम नहीं बल्कि INDIA ब्लॉक का साझा प्रदर्शन था। उत्तर प्रदेश में SIR के मुद्दे पर अखिलेश यादव लगातार मुखर रहे हैं, जबकि सपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस नेतृत्व की सक्रियता अपेक्षाकृत सीमित रही।

    अखिलेश ने कहा- ‘डिप्लोमेसी चलती रहेगी’

    अखिलेश यादव ने बुधवार को लंच में शामिल नहीं होने के सवाल पर कहा कि बात केवल एक लंच तक सीमित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में विपक्षी नेता चाय या यहां तक कि समोसे पर भी साथ बैठ सकते हैं और बातचीत जारी रहेगी। यानी सपा की ओर से इस घटनाक्रम को गठबंधन से अलग होने के किसी फैसले के तौर पर पेश नहीं किया गया है।

    मंगलवार के प्रदर्शन और बुधवार को लंच से सपा की दूरी ऐसे समय में सामने आई है, जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ही 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बीच समन्वय और सीटों को लेकर आगे की बातचीत पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।

    Share:

  • एक जैसे दिखते हैं फिर भी शरीर पर अलग असर, कागान और सोआई की खोज ने समझाया अणुओं का अनोखा खेल

    Thu Oct 8 , 2026
    नई दिल्ली। रसायन विज्ञान(chemistry) के क्षेत्र में 2026 का नोबेल पुरस्कार(Nobel Prize) ऐसी वैज्ञानिक खोज के लिए दिया गया है जिसने एक बेहद पेचीदा सवाल को समझने की नई राह दिखाई है। सवाल यह है कि देखने में लगभग एक जैसे लगने वाले कुछ मॉलिक्यूल्स आखिर एक दूसरे से इतने अलग कैसे हो सकते हैं […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved