
पटना. फायरिंग मामले (firing case) में खान ग्लोबल स्टडीज (Khan Global Studies) के निदेशक और मशहूर शिक्षक खान सर (Khan Sir ) को पटना सिविल कोर्ट (Patna Civil Court) से बड़ी राहत (relief) मिली है। अदालत ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे पहले सोमवार को खान सर की ओर से पटना के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपेश देव की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। उनके अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने कोर्ट में यह अर्जी लगाई थी। गौरतलब है कि खान सर पर हत्या के प्रयास और हथियारों के अवैध इस्तेमाल जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
सुरक्षाकर्मियों की नियमित जमानत पर भी हुई सुनवाई
इसी मामले में जेल में बंद खान सर के दो सुरक्षाकर्मियों, दीपक कुमार और तालेबर सिंह की नियमित जमानत याचिका पर भी सोमवार को सुनवाई हुई। उनके वकील अरविंद मउआर ने प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी अनुराग वर्मा की अदालत में अपनी दलीलें पेश कीं। इस दौरान अदालत ने मामले से जुड़े सबूत पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने मांगी केस डायरी
कोचिंग संस्थानों के बीच उपजे विवाद और गोलीबारी के मामले में अदालत ने पुलिस से केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन तलब किया है। इस मामले में गिरफ्तार दोनों सुरक्षाकर्मी फिलहाल न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल में बंद हैं। इसी प्रकरण में ज्ञान बिंदु एकेडमी के संचालक रौशन आनंद की नियमित जमानत अर्जी पर भी दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने केस डायरी और जख्म प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस सुनने के बाद अदालत ने रौशन आनंद की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। वहीं ज्ञान विन्दु के संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार किए जाने और उन्हें रिहा नहीं करने को लेकर छात्रों और लोगों में आक्रोश भी है।
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वायरल वीडियो के आधार पर दर्ज हुआ था मामला
फैजल खान के कोचिंग संस्थान के समीप हुई गोलीबारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसी वीडियो को आधार बनाकर कदमकुआं थाना पुलिस ने फैजल खान उर्फ खान सर और उनके दो सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस गिरफ्तारी के लिए छापेमारी करने लगी थी। इसको लेकर भारी संख्या में पुलिस फैजल खान के कोचिंग पर पहुंची थी। उस दिन इस बात की चर्चा थी कि आज पुलिस कीड़ी भी सूरत में फैजल खान को गिरफ्तार कर लेगी। इस बात को लेकर शाम से रात और देर रात से सुबह तक रतजगा हो गया लेकिन पटना पुलिस फैजल खान को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
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बदले की भावना से फंसाने का आरोप
फैजल खान के अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने अदालत में अपनी बात रखते हुए कहा कि खान ग्लोबल स्टडीज के मुख्य द्वार पर हुई वारदात के बाद, उनके संस्थान के एक कर्मी ने दूसरे संस्थान के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी का बदला लेने के उद्देश्य से विरोधी पक्ष ने भी एक जवाबी प्राथमिकी दर्ज करवा दी। इस एफआईआर में आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करने वाले सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ जानबूझकर फैजल खान का नाम भी घसीट लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खान सर को इस मामले में फंसाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची गई है। अधिवक्ता अरविंद कुमार मउआर ने आगे स्पष्ट किया कि खान सर को जमानत मिलना या न मिलना पूरी तरह से न्यायालय के विवेक पर निर्भर है, लेकिन यदि मामले का बारीकी से अवलोकन किया जाए, तो खान सर के खिलाफ कोई ठोस मामला नहीं बनता है। उन्हें केवल परेशान करने के उद्देश्य से इस प्राथमिकी में नामजद किया गया है।
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