
दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव (Datia Assembly by-election) में मिली हार के बाद भाजपा में समीक्षा का दौर शुरू हो गया है। पार्टी प्रत्याशी रहे आशुतोष तिवारी ने हार के कारणों को लेकर कहा कि पूरी स्थिति की जांच पार्टी की समीक्षा समिति करेगी। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि कौन कितना जिम्मेदार है, इसका फैसला भी जांच समिति ही करेगी। भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे आशुतोष तिवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पार्टी चुनाव में कांग्रेस की रणनीति को पूरी तरह समझ नहीं सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सुनियोजित तरीके से चुनाव लड़ा और भाजपा उसकी रणनीति को समय रहते नहीं भांप पाई। उन्होंने कहा कि अगर अनजाने में पार्टी के कुछ लोग भी उस रणनीति का हिस्सा बने हैं तो उनकी भी पहचान की जाएगी और पूरी समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि हार के बावजूद भाजपा का वोट प्रतिशत पहले से बेहतर रहा है और 2023 के विधानसभा चुनाव की तुलना में हार का अंतर भी कम हुआ है। इसे उन्होंने सकारात्मक पक्ष बताते हुए कहा कि जनता का आशीर्वाद पहले से अधिक मिला है और वह आगे भी क्षेत्र की सेवा करते रहेंगे।
भीतरघात पर बोले- समीक्षा के बाद ही कुछ कहूंगा
चुनाव में भीतरघात के सवाल पर आशुतोष तिवारी ने सीधे आरोप लगाने से बचते हुए कहा कि कहीं न कहीं कोई चूक जरूर हुई है। इसकी विस्तृत समीक्षा की जाएगी। समीक्षा पूरी होने से पहले किसी पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
2028 चुनाव पर भी दिया जवाब
2028 विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह खुद को पार्टी का एक सामान्य कार्यकर्ता मानते हैं। पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी देगा, उसका पूरी निष्ठा से पालन करेंगे। दतिया भाजपा जिला अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चाओं को उन्होंने महज अटकल बताया और कहा कि यह फैसला पूरी तरह पार्टी नेतृत्व का होता है।
नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात पर बोले- सिर्फ शिष्टाचार
पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से हाल ही में हुई मुलाकात को लेकर भी उन्होंने सफाई दी। तिवारी ने कहा कि यह केवल एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात थी। इसके कोई राजनीतिक मायने नहीं हैं और इसे किसी अन्य रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बता दें है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से हराया था। इसके बाद भाजपा ने चुनाव परिणाम की समीक्षा शुरू कर दी है और संगठन स्तर पर हार के कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है।
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