विदेश

चीन ने फिर बढ़ाई अमेरिका-जापान की चिंता, सैन्य ठिकानों के पास खरीदी जमीन

टोक्यो। चीन (China ) की एक कंपनी ने जापान (Japan) के वायु स्वरक्षा बल राडार साइट के पास होक्काइदो में एक जमीन का टुकड़ा खरीदा है। साथ ही फूफेंग समूह ने अमेरिका में नॉर्थ डकोटा (North Dakota in America) के ग्रैंड फोर्क्स के पास 300 एकड़ खेत खरीदा है। इस खुलासे के बाद 130 से अधिक अमेरिकी सांसदों ने पत्र लिखकर चेताया है कि विदेशी निवेश (foreign investment) से सुरक्षा प्रभावों पर तुरंत अध्ययन नहीं किया गया तो भविष्य में परेशानी होगी। इस पत्र में अमेरिकी हाउस कमेटी न ओवरसाइट एंड रिफॉर्म के रैंकिंग रिपब्लिकन सांसद रैप जेम्स कॉमर भी शामिल हैं। उन्होंने चीन के जमीनों पर बढ़ते स्वामित्व को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ बताया है।


इससे पहले जापान में जनवरी में तात्कालिक सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (the immediate ruling Liberal Democratic Party) के नीति प्रमुख साने ताकाची ने भी अपनी सरकार को चेताया था। जापानी वानिकी एजेंसी के अनुसार, जापान के वन क्षेत्र में स्वामित्व और निवेश में 2010 से 4.7 गुना वृद्धि देखी गई है। 2021 में हांगकांग, मकाओ, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और अमेरिका (Australia, Singapore and America) से आने वाले खरीदार होक्काइदो में जमीन खरीद रहे हैं। कुल 19 मामले दर्ज किए गए। पिछले माह अमेरिकी सेना में सक्रिय-ड्यूटी अधिकारी रेयान एशले और एलेक राइस ने निक्केई एशिया के लिए लिखे एक लेख में इस पर चिंता जताई।

जनरल एटॉमिक्स ने की कार्रवाई की अपील
जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स के प्रवक्ता मार्क ब्रिंकले ने कहा कि चीन का कारोबार चीनी सरकार से जुड़ा हुआ है। हम इतने बड़े पैमाने पर और ग्रैंड फोर्क्स वायुसेना बेस के दायरे के चीनी कंपनी को मौजूद होने की अनुमति नहीं दे सकते हैं। इस कंपनी की मौजूदगी से परिष्कृत सैन्य जासूसी के अवसर को अनदेखा नहीं कर सकते हैं। इस एयरबेस और उसके आसपास के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और संवेदनशील सैन्य अभियानों को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन को चिंता करनी चाहिए।

Share:

Next Post

सिर्फ 44 दिन तक ब्रिटेन की पीएम रहीं लिज ट्रस, इस्तीफा देते ही तोड़ डाला ये अनोखा रिकॉर्ड

Fri Oct 21 , 2022
लंदन । ब्रिटेन (Britain) में आर्थिक संकट (Economic Crisis) और सियासी उथल पुथल के बीच लिज ट्रस (Liz Truss) ने प्रधानमंत्री (Prime minister) पद से इस्तीफा (Resignation) दे दिया. वे सिर्फ 44 दिन तक ब्रिटेन की पीएम रहीं. खास बात ये है कि पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन में कंजर्वेटिव पार्टी […]