बड़ी खबर

हिजबुल के आतंकी को पनाह देने वाली कर्नाटक की मस्जिद जब्त की जाए – विश्व हिंदू परिषद


बेंगलुरू । विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गुरुवार को बेंगलुरु (Bangaluru) के पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) प्रताप रेड्डी (Pratap Reddi) के पास एक शिकायत दर्ज कर हिजबुल के आतंकी (Hizbul Terrorist) तालिब हुसैन (Talib Husain) को पनाह देने वाली (Shelters) कर्नाटक (Karnataka) की ओकालीपुरम मस्जिद (Okalipuram Mosque) को जब्त करने की मांग की (Demanded to Confiscate) ।


विहिप नेता तेजस गौड़ा, गोवर्धन और शिवकुमार ने इस संबंध में बेंगलुरु के शीर्ष पुलिस अधिकारी को शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है, “जिस मस्जिद में आतंकी तत्व तालिब हुसैन को पनाह दी गई थी, उसे जब्त किया जाना चाहिए। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए, जिन्होंने उसे पनाह दी और उसे सिम कार्ड दिए।” उन्होंने पुलिस आयुक्त से शहर में आतंकवादी गतिविधियों पर इनपुट इकट्ठा करने का भी आग्रह किया है। हिंदू नेताओं ने पुलिस आयुक्त के संज्ञान में लाया कि यदि कोई हिंदू त्योहार मनाया जाना है, तो आयोजकों को संघर्ष करना होगा।

गिरफ्तार आतंकी तालिब हुसैन अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में पत्नी और बच्चों के साथ पिछले दो साल से रह रहा था। उसने ओकलीपुरम मस्जिद में शरण ली थी। आखिरकार उसे सशस्त्र बलों, जम्मू-कश्मीर की पुलिस और कर्नाटक पुलिस विभाग के संयुक्त अभियान में 3 जून को गिरफ्तार कर लिया गया।आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन तालिब के एक प्रमुख व्यक्ति के भेष में बेंगलुरु में रहने के बावजूद आंतरिक सुरक्षा डिवीजन (आईएसडी), खुफिया विंग, आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीसी) को उसकी मौजूदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। तालिब हुसैन की गिरफ्तारी से बेंगलुरू में आतंकियों और देश विरोधी ताकतों के लिए स्लीपर सेल होने की बहस सामने आ गई है।

 

सवाल ये भी उठ रहे हैं कि आतंकी तालिब हुसैन खुफिया एजेंसियों के रडार में आए बिना तीन साल तक कैसे रह सकता है। राज्य संवेदनशील दौर और अशांति के दौर से गुजर रहा है, इसलिए अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं। सूत्रों का कहना है कि हिजाब संकट और कक्षाओं में हिजाब पर प्रतिबंध की खबरों ने अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी हैं। वे सुरक्षा के साथ कोई जोखिम नहीं उठा सकते।

विहिप नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मुसलमान पुलिस विभाग की अनुमति के बिना अपने त्योहार मनाते हैं। रमजान त्योहार के दौरान नियमों का उल्लंघन होता है और इस दिशा में भी जांच होनी चाहिए। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें नमाज अदा करने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन, यह निर्दिष्ट स्थानों पर किया जाना है और प्रार्थना से जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। विहिप नेता गोवर्धन ने कहा कि मुसलमानों ने रमजान के त्योहार के दौरान अधिकारियों की अनुमति के बिना सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था। उन्होंने यह भी मांग की कि बकरीद के आगामी त्योहार में इन उल्लंघनों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

Share:

Next Post

गिलोय का इस तरह कर लें सेवन, सेहत को मिलेंगे कमाल के फायदे

Thu Jun 9 , 2022
नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) की शुरुआत के बाद से, लोगों ने अधिक से अधिक आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग करना शुरू कर दिया है. इम्यूनिटी(immunity) को बढ़ावा देने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक गिलोय है. गिलोय शरीर से विषाक्त पदार्थों (toxins) को निकालता है, […]