
नई दिल्ली. कांग्रेस (Congress) ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) के पत्र का सरकार की ओर से दिए गए जवाब को लेकर सरकार को घेरा है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने यदि दोबारा परिसीमन विधेयक पारित कराने का प्रयास किया, तो उसे सदन में फिर हार का सामना करना पड़ेगा।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि क्या संविधान संशोधन विधेयक को फिर से लाने और महालंकित दो तिहाई बहुमत से इसे पारित कराने का प्रयास किया जा रहा है। क्या सरकार परिसीमन को लेकर किसी नए प्रस्ताव पर पार्टियों के साथ चर्चा कर रही है।
किरेन रिजिजू ने दिया था जवाब
इससे पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 16 अक्तूबर को परिसीमन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था, जिसका संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को जवाब दिया। रिजिजू ने मार्च, 2026 में परिसीमन को लेकर गृह मंत्री की कुछ पार्टियों के साथ चर्चा का उल्लेख किया। जयराम ने दावा किया कि रिजिजू ने यह उल्लेख नहीं किया कि गृह मंत्री ने कथित तौर पर कुछ ऐसे आश्वासन दिए थे, जिन्हें 16 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में पेश किए गए संविधान संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया था।
प्रधानमंत्री से आज मिलेंगे कांग्रेस अध्यक्ष खरगे
इधर एसआईआर और परिसीमन के मुद्दे पर सियासी तकरार के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वह बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। खरगे ने कहा उन्होंने प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से एक पत्र लिखा है, और उनके पास दो पत्र पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा, “मैं बुधवार को उन्हें सब कुछ विस्तार से बताऊंगा. इसमें मतदाता सूचियों के एसआईआर से होने वाले नुकसान, उनके द्वारा की जा रही परिसीमन प्रक्रिया के परिणाम और महिलाओं के लिए आरक्षण का मुद्दा शामिल है।”
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved