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ईरान की अमेरिका को दो टूक, “यूरेनियम का एक ग्राम भी बाहर नहीं जाएगा” आसिम मुनीर की यात्रा के बीच कही ये बात

October 21, 2026

नई दिल्ली। अमेरिका (America) के साथ बातचीत बहाल करने को लेकर ईरान (Iran) ने अपना रुख सख्त कर दिया है। तेहरान (Tehran) ने साफ कहा है कि वह अपने यूरेनियम (Uranium) का एक ग्राम भी देश से बाहर नहीं भेजेगा। ईरान के मुताबिक, अमेरिका को पहले भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे और उसकी सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ईरान यात्रा के बीच आया यह बयान दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की चुनौतियों को सामने लाता है।

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यूरेनियम देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से विश्वास बहाली के कदम उठाए बिना बातचीत संभव नहीं है। इसके लिए ईरान की सभी शर्तों को पूरी तरह पूरा करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

रेजाई ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बैठक में भी तेहरान का यही रुख दोहराया। मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने तथा मध्यस्थता के प्रयासों के तहत ईरान पहुंचे हैं।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन और संसद स्पीकर से भी मिले मुनीर
ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार को राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने तेहरान में आसिम मुनीर के साथ बैठक की। इसमें क्षेत्रीय घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की कोशिशों पर चर्चा हुई।


  • समाचार एजेंसी नूरन्यूज के अनुसार, मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ से भी मुलाकात की। इन बैठकों के जरिए पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच मतभेद कम करने और बातचीत की संभावनाएं तलाशने की कोशिश कर रहा है।

    अमेरिका के सामने रखीं सात शर्तें
    ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर कलीबाफ ने कहा कि अमेरिका तब तक ईरान का विश्वास हासिल नहीं कर सकता, जब तक वह पिछले महीने तेहरान की ओर से रखी गई सात शर्तों को पूरा नहीं करता।

    इन शर्तों का संबंध स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने से है। इनमें प्रमुख रूप से तीन मांगें शामिल हैं:-
    1. ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करना।
    2. ईरान के तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध हटाना।
    3. क्षेत्र के सभी मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करना।

    ईरान का कहना है कि बातचीत की दिशा में आगे बढ़ने से पहले अमेरिका को इन मांगों पर ठोस कार्रवाई करनी होगी।

    हथियार बनाने के स्तर के करीब पहुंचा यूरेनियम भी बाहर नहीं जाएगा
    मोहसेन रेजाई ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के रुख के मुताबिक, हथियार बनाने के स्तर के करीब पहुंच चुके यूरेनियम को भी देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा।

    ईरान का परमाणु कार्यक्रम अमेरिका के साथ किसी संभावित समझौते में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बना हुआ है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि ईरान को अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता में महत्वपूर्ण कमी करनी होगी। उनके मुताबिक, यह अमेरिका की प्रमुख मांगों में शामिल है और इससे दोनों देशों के बीच आठ महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकता है।

    60% तक यूरेनियम संवर्धन पर अमेरिका को आपत्ति
    अमेरिका, इजरायल और कई पश्चिमी देश लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह ईरान की ओर से यूरेनियम का संवर्धन 60 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

    यह स्तर सामान्य नागरिक परमाणु उपयोग के लिए आम तौर पर आवश्यक संवर्धन स्तर से काफी अधिक है। वहीं, हथियार-ग्रेड यूरेनियम के लिए आम तौर पर करीब 90 प्रतिशत संवर्धन का उल्लेख किया जाता है।

    हालांकि, ईरान लगातार परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने के आरोपों से इनकार करता रहा है। परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन की सीमा को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद किसी समझौते की राह में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

    अमेरिका-ईरान के बीच फिर बातचीत शुरू कराने में जुटा पाकिस्तान
    पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले पाकिस्तान की मध्यस्थता के प्रयासों से जून में अंतरिम शांति समझौता हुआ था। हालांकि, कुछ ही सप्ताह बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई फिर शुरू होने से यह समझौता टूट गया।

    आसिम मुनीर की मौजूदा ईरान यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने और बातचीत बहाल करने की कोशिशें जारी हैं। ईरान की ओर से यूरेनियम बाहर नहीं भेजने और बातचीत से पहले सभी शर्तें पूरी करने पर जोर दिए जाने से मध्यस्थता के प्रयासों के सामने चुनौती बनी हुई है।

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