इंदौर

जमीनों का सर्वे करने गया ड्रोन शिप्रा के गांव में क्रैश

इंदौर। स्वामित्व योजना का लाभ लोगों को दिलाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ड्रोन के जरिए किया जा रहा 6 गांवों का सर्वे कल तब रुक गया, जब सर्वे के काम में लगाया गया ड्रोन शिप्रा क्षेत्र के एक गांव में क्रैश हो गया।
जिला प्रशासन एवं पंचायत अधिकारियों द्वारा शिप्रा क्षेत्र के पूर्वाडाहप्पा, मच्छूखेड़ी, बरलाई जागीर, बूढ़ी बरलाई, पीर कराडिय़ा सहित एक अन्य गांव में आबादी जमीन का सर्वे करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन जैसे ही सुबह पूर्वाडाहप्पा गांव में ड्रोन सर्वे के लिए आसमान में उडऩे लगा वैसे ही थोड़ी दूर ऊंचाई पर जाने के बाद कुछ ही सेकंड के अंतराल में जमीन पर गिरकर क्रैश हो गया, जिसके कारण सर्वे का कार्य बंद हो गया। उल्लेखनीय है कि 10 दिन पहले भी एक गांव में ड्रोन क्रैश हो गया था, जिसके कारण कई दिनों तक सर्वे का कार्य बंद किया गया था।


हातोद तहसील के पांच गांवों से पिछले माह शुरू किया गया था सर्वे
इंदौर जिले में इसका श्रीगणेश हातोद तहसील के पांच गांवों से पिछले माह किया गया था। सर्वे ऑफ इंडिया और राजस्व अमले द्वारा गांव की आबादी जमीन का ड्रोन के माध्यम से सर्वे हातोद तहसील के ग्राम जंबूरी हप्सी और माली बड़ोदिया से किया गया था। इसी तहसील के ग्राम हिंगोनियाखुर्द, पीपल्या तफा, रोजड़ी और नौगांवा सहित अन्य गांवों में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। इस तहसील में कुल 57 गांव हैं, जहां का सर्वे कर आबादी की जमीन पर मकान बने लोगों को स्वामित्व पत्र दिए जाएंगे।

आसानी से मिलेगा लोन… पारिवारिक विवाद घटेंगे
आबादी जमीन के सर्वे से ग्रामवासियों को कई लाभ मिलेंगे। सर्वे पूरा होने के बाद जिन लोगों के आबादी की जमीन पर मकान बने हैं उन्हें तो संपत्ति का अधिकार पत्र मिलेगा ही, साथ ही उसके आधार पर बैंक से लोन लेने में भी आसानी हो जाएगी। इसके अलावा संपत्तियों के पारिवारिक विभाजन, हस्तांतरण की प्रक्रिया भी सुगम होने के साथ ही पारिवारिक संपत्ति के विवाद भी कम होंगे। इससे ग्राम पंचायतों को भी लाभ होगा, क्योंकि संपत्ति शुल्क के रूप में पंचायत को स्थानीय आय के साधन प्राप्त होंगे। पंचायत स्तर पर विकास की योजना बनाने में भी
सुविधा होगी।

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