
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) में लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Lal Bahadur Shastri International Airport) पर कस्टम अधिकारियों को बड़ी कामयाबी मिली है. कस्टम विभाग (Customs Department) ने छह थाईलैंड के नागरिकों (Thailand Citizens) को गिरफ्तार (Arrest) किया है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं.
इन विदेशी नागरिकों के पास से भारी मात्रा में ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ बरामद किया गया है. जानकारी के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त किए गए गांजे की कीमत 19 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है.
कस्टम और पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को इस बड़ी कार्रवाई की जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि ये कार्रवाई शनिवार को की गई थी, जब ये सभी आरोपी बैंकॉक से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान (IX-215) के जरिए वाराणसी पहुंचे थे.
ट्रॉली बैग के अंदर मिला 19.7 किलो गांजा
एयरपोर्ट पर रूटीन चेकिंग और स्क्रीनिंग के दौरान इन यात्रियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ. इसके बाद कस्टम अफसरों ने उन्हें रोक लिया और उनके सामान की तलाशी ली. जांच करने पर उनके ट्रॉली बैग के अंदर से 19.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ. तस्करों ने इस प्रतिबंधित नशीले पदार्थ को छिपाने के लिए प्लास्टिक के पैकेटों का इस्तेमाल किया था.
क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा?
हाइड्रोपोनिक गांजा को ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ भी कहा जाता है. ये आम गांजे के मुकाबले काफी ज्यादा नशीला और असरदार होता है. इसे उगाने के लिए मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. इसके बजाय इसे पोषक तत्वों से भरपूर पानी आधारित प्रणाली में खास तौर पर तैयार किया जाता है.
कोलकाता और गया के रास्ते पहले भी कर चुके हैं तस्करी
गिरफ्तारी के बाद जब जांचकर्ताओं ने इन आरोपियों से कड़ी पूछताछ की, तो उन्होंने कई चौंकाने वाले खुलासे किए. आरोपियों ने स्वीकार किया कि वो पहली बार भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी नहीं कर रहे थे. इससे पहले भी वे कोलकाता और गया के रास्ते भारत में ड्रग्स की खेप पहुंचा चुके हैं.
इस मामले में जांच एजेंसियां एक और थाई महिला की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उसी महिला ने भारत में इन तस्करों के ठहरने के लिए होटल की बुकिंग कराई थी. इसके अलावा, वो इस खेप को भारत में उसके सही ठिकाने तक पहुंचाने की योजना बनाने में भी शामिल थी.
कस्टम विभाग ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी छह आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया. अदालत के आदेश के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
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