
- स्कूल दाऊदखेड़ी भेजने के विरोध सैकड़ों छात्राओं ने कलेक्टोरेट पर किया प्रदर्शन
उज्जैन। विदेशों में सरकारें नये स्कूल चालू करती हैं लेकिन हमारे शहर में स्कूलों को बंद कर गाँवों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके विरोध में छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और उनका कहना था कि हम इतनी दूर कैसे पढऩे जाएँगे, यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
महाकाल मंदिर के पीछे चारधाम मंदिर के आसपास संचालित शासकीय स्कूलों को शासन का कई किलोमीटर दूर दाउदखेड़ी में शिफ्ट करने का निर्णय निर्धन और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनने जैसा है। छात्राओं को तो इतनी दूर भेजना ही मुमकिन नहीं है, जिससे सैकड़ों छात्राओं की पढ़ाई ही छूट जाएगी। इसे लेकर कल छात्राओं ने कलेक्टोरेट का घेराव कर प्रदर्शन किया। सोमवार को स्कूल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन करते हुए यह बात, अभिभावकों ने कही। सोमवार दोपहर प्रभावित 11 स्कूलों के विद्यार्थियों और अभिभावकों ने तरणताल से रैली – निकालते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा वर्षों से संचालित हो रहे 11 स्कूलों को उजाड़ कर 7 से 8 किलोमीटर दूर दाउदखेड़ी शिफ्ट किया जा रहा है। यह फैसला गरीब परिवारों – के बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीनने जैसा है। इतनी दूर स्कूल होने के कारण निर्धन और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए असुरक्षित रास्तों से बेटियों को इतनी दूर भेजना मुमकिन नहीं होगा। जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों छात्राओं की पढ़ाई बीच में ही – छूट जाएगी। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि महाराजवाड़ा स्कूल की बिल्डिंग को हेरिटेज होटल के रूप में तब्दील कर दिया गया है। सरकारी स्कूलों को होटलों में तब्दील करना या उनका व्यावसायिक उपयोग करना हमारी प्राथमिकता नहीं है, बल्कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को पढ़ाना हमारी जिम्मेदारी है। शिक्षा के मंदिरों को होटल या व्यापारिक केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए। कलेक्टर कार्यालय पहुंच कर विद्यार्थियों और अभिभावकों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद चार सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम पवन बारिया को ज्ञापन सौंपा।