img-fluid

सड़क हादसे में फ्रैक्चर हुए दो युवकों को अस्पताल ने कार्टून बांधकर किया रेफर, स्वास्थ्य विभाग ने मांगा जवाब

September 12, 2026

नई दिल्ली । बिहार के जहानाबाद में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था (Government Healthcare System) से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सड़क हादसे में घायल दो युवकों के पैर में फ्रैक्चर(Fracture) होने के बाद अस्पताल में प्लास्टर लगाने के बजाय कार्टून (cardboard)का टुकड़ा बांधकर उन्हें रेफर कर दिया गया। मामले की तस्वीर सामने आने और वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने संज्ञान लिया है। संबंधित डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

मामला गुरुवार का बताया जा रहा है। हुलासगंज थाना क्षेत्र के पास दो बाइक की टक्कर में चार युवक घायल हो गए थे। हादसे में दो युवकों के पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गए। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को हुलासगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फ्रैक्चर हुए दोनों युवकों के पैरों को स्थिर करने के लिए प्लास्टर की जगह कार्टून का टुकड़ा बांधा गया। इसके बाद दोनों घायलों को जहानाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों और घायलों को उम्मीद थी कि जिला अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा मिलेगी और टूटे पैर पर प्लास्टर लगाया जाएगा।

हालांकि, सदर अस्पताल में भी दोनों युवकों के पैरों पर प्लास्टर नहीं लगाया गया। इसके बाद उन्हें पटना पीएमसीएच भेज दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी तस्वीर सामने आने के बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।

मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सचिव ने इसका संज्ञान लिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने सिविल सर्जन, सदर अस्पताल के अधीक्षक और डीपीएम को तलब किया। संबंधित डॉक्टरों को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है और उनसे 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। अब उनके जवाब के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

घटना की तस्वीर सामने आने के बाद बिहार सरकार पर भी सवाल उठाए गए। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि जिला अस्पताल में पैर के फ्रैक्चर पर प्लास्टर लगाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।

इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खास तौर पर यह सवाल सामने आया है कि फ्रैक्चर जैसे सामान्य रूप से इलाज किए जाने वाले मामले में भी मरीजों को आवश्यक सुविधा क्यों नहीं मिल सकी।


  • फिलहाल प्रशासन ने संबंधित डॉक्टरों से जवाब मांग लिया है। जांच और अधिकारियों के समक्ष पेश किए जाने वाले जवाब के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों युवकों को प्लास्टर क्यों नहीं लगाया गया और कार्टून का सहारा लेने की स्थिति कैसे बनी। मामले ने जहानाबाद की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में मरीजों को मिल रही सुविधाओं को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    Share:

  • सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved