
अग्निबाण विश्लेषण…
परिसीमन के चलते इंदौर की स्थिति… अभी इंदौर में 24 लाख 86 हजार से ज्यादा हैं मतदाता
इंदौर, राजेश ज्वेल
मोदी सरकार (Modi Government) ने 2029 के आम चुनाव (General Election) को लेकर मास्टर स्ट्रोक (Masterstroke) खेला है और कल से तीन दिवसीय संसद का विशेष सत्र भी बुलवाया, जिसमें लोकसभा (Lok Sabha) के साथ विधानसभा (Assembly) की सीटें बढ़ाने की तैयारी और नए परिसीमन की मंजूरी के साथ महिला आरक्षण को भी लागू किया जाएगा, जिसके चलते नारी शक्ति वंदन सम्मेलन भी आयोजित किए जा रहे हैं। इंदौर लोकसभा की वर्तमान में जो एक सीट है, वह परिसीमन के बाद दो हो जाएगी, यानी इंदौर लोकसभा दो हिस्सों में बंटेगी। वहीं विधानसभा की भी तीन सीटें बढ़ जाएंगी। वर्तमान में इंदौर में 9 विधानसभा सीटें हैं, जो जनगणना और परिसीमन के बाद बढक़र एक दर्जन हो जाएंगी। इसके चलते इंदौर के साथ-साथ प्रदेश और देश की राजनीति में भी आमूलचूल परिवर्तन आ जाएंगे। भाजपा-कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों को नए सिरे से अपनी रणनीति बनाना पड़ेगी, क्योंकि 33 प्रतिशत सीटें लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के आरक्षित रहेंगी।
केन्द्र सरकार ने परिसीमन प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए लोकसभा की सीटें 850 तक बढ़ाने की जानकारी दी है। वर्तमान में यह संख्या 543 ही है, जिसके चलते सभी राज्यों की लोकसभा-विधानसभा सीटों में भी परिवर्तन हो जाएगा। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटें हैं और परिसीमन के बाद इनकी संख्या 44 तक बढ़ सकती है। इसी तरह विधानसभा की सीटें 230 से बढक़र 280 तक हो जाएंगी। कल रात मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश के नए कोर ग्रुप की जो पहली बैठक हुई, उसमें भी परिसीमन के साथ-साथ नारी वंदन अधिनियम और समान नागरिक संहिता, जो कि प्रदेश सरकार लागू करने जा रही है, उस पर चर्चा की गई। परिसीमन के बाद संभव है कि प्रदेश में एक दर्जन नए जिले भी बन जाएं। वर्तमान में जिलों की संख्या 52 है। जनगणना, महिला आरक्षण और परिसीमन के चलते इंदौर की राजनीति का चेहरा भी आने वाले लोकसभा-विधानसभा चुनाव में बदल जाएगा। लोकसभा जहां दो हिस्सों में बंटेगी तो विधानसभा में भी तीन सीटों का इजाफा होगा और 9 की जगह 12 विधानसभा सीटें हो जाएंगी। वर्तमान में विधानसभा-1, विधानसभा-5, विधानसभा-2 और देपालपुर में मतदाताओं की संख्या अधिक है। लिहाजा जनगणना और परिसीमन के बाद प्रयास किए जाएंगे कि एक विधानसभा में अधिकतम 2 से 3 लाख मतदाता ही रहें, जिसके चलते सीटों की संख्या एक दर्जन होगी और इस प्रक्रिया के चलते पूरे प्रदेश में लगभग 50 सीटें बढ़ जाएंगी और संभव है कि अगला विधानसभा चुनाव 230 के बजाय 280 सीटों पर हो, जिसके कारण मौजूदा विधानसभा में बैठक व्यवस्था भी बढ़ाना पड़ेगी। फिलहाल यहां 250 सीटों की व्यवस्था है, जिसमें 30 सीटों का और इजाफा करना पड़ेगा। हालांकि जो नया संसद भवन दिल्ली में बना है उसकी क्षमता तो अधिक है और लोकसभा की जो 850 सीटें हो जाएंगी, उसके अनुरूप ही इसे निर्मित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण के साथ-साथ परिसीमन के लिए 131वां संविधान संशोधन करना तय किया, जिसके चलते कल से संसद का तीन दिनी विशेष सत्र भी बुलाया गया है, जिसमें चर्चा और मतदान के बाद निर्णय होगा। मौजूदा संसद में 74 महिलाएं सांसद हैं, जिनकी संख्या अगले आम चुनाव में 33 फीसदी आरक्षण के चलते कुल सीटों की संख्या के आधार पर हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसकी तैयारी शुरू कर दी और कल उनके निवास पर रात को कोर ग्रुप की बैठक भी हुई।
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