
उज्जैन। मानसून में बदलते मौसम और हवा-पानी के असर से वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सर्दी-जुकाम, गले में खराश और बुखार की शिकायत लेकर अस्पतालों की ओपीडी पहुंच रहे हैं। कई मामलों में सामान्य सर्दी-जुकाम के बाद तेज बुखार, बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी की स्थिति सामने आ रही है।
जिला चरक अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या वायरल संक्रमण से प्रभावित बच्चों की बताई जा रही है। बच्चों में तेज बुखार के साथ शरीर में पानी की कमी, बीपी कम होना, उल्टी-दस्त, भूख न लगना और मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द की शिकायत सामने आ रही है। कुछ बच्चों में तेज कमजोरी के कारण चलने-फिरने में भी परेशानी देखी जा रही है। वयस्कों में भी सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार, गले में संक्रमण, सिरदर्द, बदन दर्द और सुस्ती की शिकायत है। कुछ मरीजों में गंध और स्वाद कम महसूस होने की समस्या भी सामने आ रही है। एक व्यक्ति के संक्रमित होने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों में भी इसी तरह के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
खाने-पीने की चीजों में एहतियात जरूरी
डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान खान-पान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों में तेज बुखार, पानी की कमी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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