
इंदौर। कनाडिय़ा रोड (kanaadiya road) स्थित डायमंड गृह निर्माण (Diamond Housing) के चर्चित भू-घोटाले में कल बिल्डर प्रतीक संघवी (Prateek Sanghvi) से लगभग 7 से 8 घंटे तक पुलिसिया पूछताछ चलती रही, जिसमें प्रतीक ने पूर्व में हुए एग्रीमेंट सहित अन्य दस्तावेजों की जानकारी दी। संघवी ने ताजा घटना की जानकारी से पूरी तरह इनकार किया। कुछ वर्ष पूर्व इसी जमीन के विवाद में शहजाद लाला हत्याकांड भी हुआ था और जेल जा चुके और ईडी की गिरफ्त में आए भूमाफिया की भूमिका भी सामने आई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहजाद लाला हत्याकांड की फाइल भी फिर से खोली जा सकती है। वहीं पुलिस कमिश्रर संतोष सिंह की सख्ती के चलते जहां चार आरोपियों को कनाडिय़ा पुलिस ने गिरफ्तार किया, वहीं इस पूरे मामले की जांच भी शुरू करवाई।
डीसीपी जोन-2 अमनसिंह राठौर ने बताया कि कल प्रतीक संघवी को थाने पर बुलाया गया और उससे इस पूरे मामले की जानकारी ली गई। प्रतीक ने जमीन के सौदे और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका है, उसके बारे में जानकारी दी। मगर कल चूंकि वह अपने साथ दस्तावेज और एग्रीमेंट नही लाए थे। इसलिए उन्हें दो दिन बाद फिर बुलाया है, ताकि दस्तावेजों और एग्रीमेंट की भी जांच की जा सके। कल दोपहर जैसे ही यह खबर फैली कि पुलिस ने बिल्डर प्रतीक संघवी को बुलाया है, तो थाने पर भी कुछ राजनीतिक चेहरे पहुंचे। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों डायमंड गृह निर्माण की जमीन खाली कराने को लेकर मौके पर जो विवाद हुआ उसमें दो पुलिस जवान विजय सिकरवार और आशीष शर्मा बुरी तरह से घायल हुए और थाना प्रभारी ने यह पूरा मामला छुपाया। मगर मीडिया में हल्ला मचने और उसके बाद पुलिस कमिश्रर संतोष सिंह की सख्ती के कारण थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करना पड़ी और उसके बाद मौके पर गुंडागर्दी करने वाले चार आरोपियों मोहसीन अली, मोहम्मद अफजल, चंदन वर्मा और दर्शन कृष्णारे को गिरफ्तार कर कोर्ट में कल पेश किया और तीन दिन का रिमांड भी लिया। अब पुलिस इन आरोपियों से भी रिमांड के दौरान पूछताछ करेगी। मोहसीन द्वारा नाम लिए जाने के बाद ही पुलिस ने प्रतीक संघवी से कल लम्बी पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बताया कि लगभग 7 एकड़ जमीन का एग्रीमेंट संयम इन्फ्रा कम्पनी के नाम पर किया गया है, जिसके वे भी डायरेक्टर हैं। प्रतीक संघवी ने ताजा मामले से पूरी तरह इनकार करते हुए बताया कि भूमि को लेकर वैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इस संदर्भ में भूमि से जुड़े अन्य लोगों से भी पुलिस पूछताछ करेगी। अग्रिबाण ने इसी जमीन को लेकर 12 साल पहले हुए एग्रीमेंट का खुलासा भी किया था, जिसमें 6 करोड़ रुपए की राशि मकानों को खाली कराने के एवज में रासुका में निरुद्ध हो चुके गुंडों को देने की बात कही गई। सूत्रों का कहना है कि इस पुराने एग्रीमेंट के बाद नए एग्रीमेंट भी हुए हैं, जिसके चलते जमीन खाली कराने की नए सिरे से सुपारी नए गुंडों को दी गई और उन्होंने ही इस घटनाक्रम को अंजाम दिया।
मेरी जमीन पीछे… सिर्फ रास्ते के लिए बात हुई : खंडेलवाल
इस जमीनी विवाद में एसएस इन्फीनीटी और एसएस ग्रीन सहित कई बड़े प्रोजेक्टों से जुड़े विशाल खंडेलवाल का नाम भी सामने आया। इस बारे में जब श्री खंडेलवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी जमीन पीछे है और संघवी से सिर्फ रास्ते के लिए चर्चा हुई थी, ताकि पीछे के मेरे प्रोजेक्ट के लिए रास्ता मिल सके। श्री खंडेलवाल ने यह भी स्पष्ट कहा कि उन्होंने किसी भी राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल इस मामले में नहीं किया और जबरन ही उनका नाम उछाल दिया गया है।
दिग्गी के नाम लेने के बाद भोपाल तक मचा हल्ला
इस विवाद में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खंडेलवाल का नाम लेने के साथ राजनीतिक रसूखदारों का भी जिक्र किया, जिसके चलते भोपाल तक हल्ला मचा और उसके बाद पुलिस के आला अफसर सक्रिय हुए और उसके बाद गिरफ्तारियां भी हुईं और इस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। चर्चा यह है कि दिग्गी को आखिर इतने अंदर की जानकारी किसने दी और इस मामले को भी भाजपा की अंदरुनी राजनीति से जोड़ा जा रहा है।
अज्ञात से ज्ञात हुए आरोपी, तो मास्टरमाइंड भी चिन्हित
दिग्गी द्वारा मामला उठाने और राजनीतिक रसूखदारों से लिंक बताने के कारण मीडिया की सुर्खियों में भी यह घटनाक्रम रहा और कनाडिय़ा थाने में पहले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मगर भोपाल से मिले निर्देश के चलते ये अज्ञात आरोपी ज्ञात हो गए और चार गिरफ्तारी के साथ उनका तीन दिन का रिमांड भी कल पुलिस ने कोर्ट से हासिल कर लिया। पहले कनाडिय़ा थाना प्रभारी जहां इस पूरे घटनाक्रम से ही इनकार कर रहे थे, उन्हें ही बाद में चार आरोपियों को गिरफ्तार करना पड़ा। इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्रर संतोष सिंह द्वारा की गई सख्ती भी चर्चा में है कि अगर वे इस मामले को गंभीरता से नहीं लेते तो एफआईआर भी दर्ज नहीं होती। थाना स्तर पर ही मामले को रफा-दफा करने के पूरे प्रयास किए गए और मीडिया ने भी जमकर हल्ला मचाया।
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