
इंदौर। मच्छी बाजार में बरसों पुराना सुविधाघर था, जिसे तोडक़र बनाया गया और फिर सडक़ के कारण दो बार और वहां सुविधाघर तोड़ दिया गया। अब उसे तीसरी बार फिर बनाने का काम नगर निगम ने शुरू किया है। लाखों की राशि खर्च कर इस प्रकार खजाने की राशि का दुरुपयोग हो रहा है।
कई जगह सडक़ निर्माण कार्य होते हैं और कई जगह सडक़ों के चौड़ीकरण के प्रस्ताव तैयार होते हैं, मगर उसके बावजूद उन सडक़ों पर कई निर्माण कार्य कर दिए जाते हैं और इसमें अफसरों की खासी लापरवाही रहती है, जिसके चलते निगम को आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ता है। शहर के कई स्थानों पर सडक़ों के निर्माण से पहले ही निगम द्वारा सुविधाघर और सुलभ कॉम्प्लेक्स से लेकर फुटपाथ के निर्माण कर दिए जाते हैं। वहां टाइल्स लगा दी जाती हैं और बाद में फिर सडक़ निर्माण के दौरान ऐसे निर्माण हटाए जाते हैं।
सरवटे टू गंगवाल सडक़ के लिए मच्छी बाजार क्षेत्र में बरसों पुराना सुविधाघर था, जिसे पंद्रह साल पहले तोडक़र नया बनाया जा रहा था, तब ही कुछ अधिकारियों ने शिकायत की थी कि सडक़ निर्माण और चौड़ीकरण होना है, सुविधाघर सडक़ निर्माण के बाद बनाया जाए, मगर टेंडर जारी कर काम शुरू करा दिया गया और सुविधाघर बन गया। इसके बाद मच्छी बाजार से कड़ावघाट की सडक़ निर्माण कार्य के दौरान सुविधाघर तोड़ दिया गया। बाद में फिर जैसे-तैसे सुविधाघर नए टेंडर जारी कर बनाया गया और बाद में स्मार्ट सिटी के कार्यों के चलते रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के तहत फिर सुविधाघर तोड़ा गया और अब तीसरी बार वहां पुल के समीप फिर सुविधाघर बनाने का काम शुरू किया गया है। अब इस मामले की शिकायत कुछ लोगों ने निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल को की है कि एक ही सुविधाघर को कितनी बार तोडक़र बनाया जाएगा।
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