
इंदौर। लसूडिय़ा मोरी क्षेत्र में नगर निगम की घोर लापरवाही और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण एक 25 वर्षीय युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। भारी बारिश के दौरान रपट के ऊपर से बह रहे पानी के तेज बहाव में युवक बह गया, जिसका शव सुबह घटना स्थल से 100/150 मीटर दूर बरामद हुआ। वहीं एक कार भी पानी में बह गई, जिसके चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई।

रातभर गुहार लगाते रहे ग्रामीण
स्थानीय निवासी दिलीपसिंह पंवार ने बताया कि घटना बुधवार रात करीब 8 से 8.30 बजे के बीच की है। ग्रामीणों ने तत्काल नगर निगम, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम को सूचना दी, लेकिन समय रहते कोई भी मदद के लिए नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने तत्परता दिखाई होती तो आज गोलू पिता आत्माराम जीवित होता।
सफाई नहीं होना बना मौत का कारण
रहवासियों का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में कोई भी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं करवा रहा है। गांव को जोडऩे वाले मुख्य मार्ग कीचड़ से अटे पड़े हैं। हादसे का मुख्य कारण रपट के नीचे लगी पाइप लाइन का चोक होना है। यदि समय रहते नाले और पाइप की सफाई की गई होती तो पानी का बहाव रपट के ऊपर से इतना खतरनाक नहीं होता।
घोषणाओं तक सीमित है निगम प्रशासन
क्षेत्रवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि नगर निगम के अधिकारी और महापौर केवल कागजी घोषणाएं करते हैं। सालों से की जा रही शिकायतों के बावजूद यहां जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, जिसका नतीजा एक युवा की मौत के रूप में सामने आया है। सुबह जब गांव वालों ने नाले से करीब 100 मीटर दूर युवक का शव देखा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
सवाल…
क्या प्रशासन इस दु:खद घटना के बाद लसूडिय़ा मोरी की बदहाल व्यवस्थाओं की सुध लेगा या ऐसी और भी घटनाएं होने का इंतजार किया जाएगा!
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