
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के अब केवल तीन दिन शेष हैं, लेकिन सदन में गतिरोध जारी है। राम मंदिर के कथित चढ़ावे की चोरी और 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष लगातार हंगामा कर रहा है। विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) से जवाब की मांग कर रहा है।
इसी बीच बुधवार को संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कथित ‘कैश कांड’ की जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी। मार्च 2025 में दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास में आग लगने के बाद एक स्टोर रूम से कथित तौर पर जली हुई नकदी मिलने का मामला सामने आया था। इसके बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हुई और उन्हें पद से हटाने की मांग उठी थी।
आज संसद में रखी जाएगी जांच रिपोर्ट
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। समिति ने दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य एकत्रित कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है, जिसे आज लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा।
जस्टिस वर्मा के खिलाफ पद से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। उन्होंने 9 अप्रैल 2026 को इस्तीफा दे दिया था, लेकिन राष्ट्रपति ने अभी तक उसका अनुमोदन नहीं किया है। कथित नकदी बरामद होने के समय वे दिल्ली हाई कोर्ट में न्यायाधीश थे। विवाद के बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट कर दिया गया था।
उनके खिलाफ 200 से अधिक सांसदों ने महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की थी। अब यह सवाल भी चर्चा में है कि इस्तीफा देने के बावजूद क्या किसी न्यायाधीश के खिलाफ पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया जारी रह सकती है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संसद में इस पर बहस हो सकती है।
छात्र आंदोलन पर अमित शाह दे सकते हैं जवाब
संसद में जारी गतिरोध के बीच आज गृह मंत्री अमित शाह छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर जवाब दे सकते हैं। सरकार का कहना है कि वह इस विषय पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री सदन में अपनी बात रखेंगे। वहीं सरकार ने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है।
FCRA संशोधन विधेयक भी हो सकता है पेश
सरकार बुधवार को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से संबंधित संशोधन विधेयक भी पेश कर सकती है। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस प्रस्तावित बिल का विरोध कर रही हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सरकार बिल पेश करने के बाद इसे आगे विचार के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज सकती है।
मॉनसून सत्र के अंतिम तीन दिनों में जस्टिस वर्मा प्रकरण, छात्र आंदोलन, FCRA बिल और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर संसद में तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved