
इंदौर। अभी तक मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए तो अधिक सरकारी या निजी जमीनों की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि सुपर कॉरिडोर से एमआर होते हुए विजय नगर और रेडिसन तक रोड की चौड़ाई में ही कॉरिडोर निर्मित हो गया। अलबत्ता स्टेशनों के लिए अवश्य थाने या ग्रीन बेल्ट की जमीनें लेना पड़ी, लेकिन अंडरग्राउंड रुट, जो कि मध्य शहर से ही गुजरेगा, उसके स्टेशनों के लिए जमीनों की जरूरत पड़ रही है। नतीजतन निगम सरकारी, खाद्य आपूर्ति, पुलिस सहित अन्य विभागों के साथ-साथ निजी जमीनें भी ली जा रही है। एयरपोर्ट रोड पर कॉलोनी नजर के पास स्थित विद्याधाम मंदिर की भी कुछ जमीन मेट्रो द्वारा अधिग्रहित की जा रही है और लगभग ढाई हजार स्क्वेयर फीट जमीन के बदले डेढ़ करोड़ की राशि मंदिर ट्रस्ट को दी जाएगी। वहीं बीएसएफ परिसर में भी मेट्रो स्टेशन बनेगा, तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ-साथ मल्हारगंज थाने की नई बिल्डिंग भी बनाकर मेट्रो कॉर्पोरेशन ने दी है।
एक तरफ अंडरग्राउंड रुट का विरोध रहवासियों, दुकानदारों से लेकर पर्यावरणविदों का जारी है। रानी सराय में बन रहे स्टेशन और तोतों के आशियाने को लेकर भी हाईकोर्ट में बहस चल रही है। दूसरी तरफ एमजी रोड, राजवाड़ा, रामचंद्र नगर से लेकर एयरपोर्ट तक अंडरग्राउंड रुट का काम शुरू किया गया है। अभी एयरपोर्ट की ओर से एक बोरिंग टनल मशीन जमीन में उतारी गई है, तो अब उसके बाद निगम मुख्यालय के सामने शिवाजी मार्केट क्षेत्र से दूसरी बोरिंग टनल मशीन अंडरग्राउंड रुट का निर्माण शुरू करेगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मल्हारगंज तहसील के ग्राम सिरपुर में भी लगभग ढाई हजार स्क्वेयर फीट जमीन मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित करने के साथ विद्याधाम, बिजासन रोड की खसरा नम्बर 157/2/1 के कुल रकबे 1.6190 हेक्टेयर में से 0.023 हेक्टेयर यानी लगभग ढाई हजार स्क्वेयर फीट मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग की जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की है। भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत कलेक्टर ने यह प्रक्रिया शुरू की और हितबंध पक्षकार 60 दिन में आपत्ति आमंत्रित की है।
सूत्रों का कहना है कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की राशि भू-अर्जन के बदले मेट्रो कॉर्पोरेशन द्वारा दी जाएगी। मंदिर की पार्किंग की जमीन पर मेट्रो प्रवेश और निकासी गेट का निर्माण करेगा। विद्याधाम के मुख्य गेट को बचाने के भी पूरे प्रयास किए जाएंगे और अगर गेट हटाना पड़ा तो उसकी जगह नया गेट भी मेट्रो कॉर्पोरेशन ही बनाकर देगा। इसी तरह मल्हारगंज थाने को भी अब जल्द शिफ्ट किया जाएगा। मेट्रो कॉर्पोरेशन ने जिंसी बस स्टैंड के पास नया थाना बनाकर दे दिया है। पुराने थाने की जमीन पर मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। वहीं स्कील डेवलपमेंट सेंटर की इमारत के बदले भी स्मार्ट सिटी कम्पनी को 2 करोड़ रुपए दिए गए हैं और इस बिल्डिंग को थाने के अनुरूप तैयार किया गया है। इसी तरह मेट्रो कॉर्पोरेशन ने खाद्य आपूर्ति निगम की भी बड़ा गणपति स्थित दफ्तर की जमीन स्टेशन के लिए ली है, जिसका क्षेत्रफल एक लाख स्क्वेयर फीट से ज्यादा है। बदले में सरकारी जमीन बुड़ानिया में वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन को सौंपी गई है। इतना ही नहीं, पट्टों पर रह रहे कुछ परिवारों को भी बड़ा गणपति स्टेशन के पास से विस्थापित किए जाने के एवज में डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का मुआवजा दिया गया और पट्टाधारी परिवार को 7-7 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई। यह भी उल्लेखनीय है कि निगम से भी शिवाजी पार्किंग कॉम्प्लेक्स की जमीन ली और बदले में 2 करोड़ रुपए दिए।
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