
देहरादून। हरिद्वार जिले (Haridwar district) में ध्वनि प्रदूषण (Noise pollution) को लेकर पुलिस ने विशेष अभियान चलाते हुए धार्मिक स्थलों से 94 लाउडस्पीकर (Loudspeaker) हटाए हैं। पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान कई स्थानों पर लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में संचालित पाए गए, जो ध्वनि प्रदूषण नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के दायरे में आते हैं।
पुलिस टीमों ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले धार्मिक स्थलों का निरीक्षण किया। जहां भी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, वहां कार्रवाई की गई। इस दौरान शहरी इलाकों से 31 और ग्रामीण क्षेत्रों से 63 लाउडस्पीकर हटाए गए। इस तरह जिलेभर में कुल 94 लाउडस्पीकर उतारे गए।
नियमों की जानकारी भी दी गई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों के प्रति जागरूक करना भी है। इसी के तहत धार्मिक स्थलों के प्रबंधन और संबंधित समितियों को लाउडस्पीकर के उपयोग से जुड़े नियमों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि लाउडस्पीकर लगाने के लिए अनुमति लेना जरूरी है और अनुमति मिलने के बाद भी निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना अनिवार्य है।
दोबारा उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाए गए या तय मानकों से अधिक आवाज में उनका इस्तेमाल किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी करते रहे हैं। इन्हीं नियमों के तहत प्रशासन और पुलिस सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल की निगरानी करते हैं।
पुलिस के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि यह कार्रवाई विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामलों में की गई।
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