img-fluid

TMC में बगावत के बीच महुआ मोइत्रा का बड़ा बयान, बोलीं- ‘शुभेंदु अधिकारी का करती हूं सम्मान’

June 11, 2026

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति (Politics of West Bengal) में जारी उठापटक के बीच महुआ मोइत्रा (Moitra Flowers) का एक बयान चर्चा में आ गया है। पार्टी में कथित बगावत और नेताओं के इस्तीफों के बीच महुआ ने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) को लेकर ऐसी बात कही, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि वह शुभेंदु अधिकारी का सम्मान करती हैं, क्योंकि उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला खुलकर और साफ तरीके से लिया था।


  • ‘शुभेंदु ने जो कहा, करके दिखाया’

    एक इंटरव्यू में महुआ मोइत्रा ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी के साथ उनके निजी संबंध हमेशा अच्छे रहे हैं। हालांकि, पार्टी छोड़ने के बाद दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं रहा। महुआ ने कहा कि अगर किसी नेता को पार्टी नेतृत्व या संगठन से दिक्कत थी, तो उसे चुनाव से पहले ही स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए था।

    उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने अपनी राजनीतिक असहमति को खुलकर सामने रखा और बाद में अलग रास्ता चुना। महुआ के मुताबिक, यह एक “साफ और पारदर्शी तरीका” था, जिसका वह सम्मान करती हैं।

    TMC में बगावत के दावों पर क्या बोलीं?

    महुआ मोइत्रा ने पार्टी में बड़े पैमाने पर टूट और सांसदों की कथित बगावत के दावों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि बड़ी संख्या में सांसद अलग हो गए हैं, लेकिन इसकी पुष्टि जरूरी है। उनके अनुसार, यदि इतनी बड़ी राजनीतिक टूट हुई होती तो औपचारिक दस्तावेज और सार्वजनिक घोषणा सामने आती।

    उन्होंने यह भी कहा कि दलबदल कानून के तहत किसी भी समूह को अलग मान्यता पाने के लिए तय संख्या और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

    ‘शुद्धिकरण’ की प्रक्रिया बता डाली

    महुआ ने पार्टी के भीतर चल रही स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ मायनों में यह “शुद्धिकरण” जैसा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व लंबे समय तक लोगों के साथ खड़ा रहा, लेकिन कुछ नेताओं ने उस भरोसे का फायदा उठाया।

    साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि वह भावनात्मक रूप से लोगों से जुड़ी रहती हैं और लंबे समय तक वफादारी निभाती हैं।

    अभिषेक बनर्जी पर आरोपों का भी दिया जवाब

    महुआ मोइत्रा ने अभिषेक बनर्जी पर लगने वाले भाई-भतीजावाद के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती मौका मिलने के बाद अभिषेक ने संगठन और राजनीति में लगातार काम किया है और अपनी भूमिका मेहनत के दम पर मजबूत की है।

    हालांकि, पार्टी में टूट और बगावत को लेकर सामने आ रहे दावों पर अभी अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं और स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

    Share:

  • क्या ‘कॉकरोच’ बन सकता है चुनाव चिह्न? जानिए चुनाव आयोग के नियम क्या कहते हैं

    Thu Jun 11 , 2026
    नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर चर्चा में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर अब राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद यह सवाल उठने लगा है कि अगर भविष्य में CJP खुद को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराती है, तो क्या उसे चुनाव चिह्न […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved