
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) अब पार्टी संगठन को दोबारा मजबूत करने की तैयारी में जुट गई हैं। चुनाव नतीजों के बाद कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों (Party Candidates) के साथ अहम समीक्षा बैठक की।
बैठक में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। पार्टी में नेताओं के संभावित पाला बदलने और अंदरूनी असंतोष की चर्चाओं के बीच ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे स्वतंत्र हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान ममता ने कहा, “जिसे जाना है, वह जा सकता है। मैं किसी को जबरदस्ती रोकना नहीं चाहती। मैं पार्टी को फिर से खड़ा करूंगी।” उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से क्षतिग्रस्त पार्टी कार्यालयों को दोबारा तैयार करने की अपील भी की।
ममता ने कहा कि बंद पड़े दफ्तरों को फिर से खोला जाए, उनकी मरम्मत और रंग-रोगन कराया जाए। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर वह खुद भी पार्टी दफ्तरों को पेंट करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी चुनाव परिणाम आने के अगले दिन 5 मई को ममता बनर्जी ने कहा था कि वे किसी नेता को पार्टी में जबरन बनाए रखने में विश्वास नहीं रखतीं।
बैठक के बाद टीएमसी के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर नेताओं की तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया गया कि पार्टी एकजुट है। पोस्ट में कहा गया कि तमाम दबाव और धमकियों के बावजूद उम्मीदवारों ने साहस के साथ चुनाव लड़ा और पार्टी जनता के जनादेश की लड़ाई जारी रखेगी।
हालिया विधानसभा चुनाव में टीएमसी को बड़ा झटका लगा है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी केवल 80 सीटें जीत सकी, जबकि उसने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी के 211 उम्मीदवार चुनाव हार गए, जिनमें कई वरिष्ठ नेता और मंत्री शामिल हैं। सबसे बड़ा झटका खुद ममता बनर्जी को लगा, जो अपने पारंपरिक गढ़ भवानीपुर सीट से चुनाव हार गईं। चुनावी हार की समीक्षा के दौरान ममता ने एक बार फिर आरोप लगाया कि जनता के जनादेश को “लूटा” और “चुराया” गया है।
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