
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आर्थिक मुद्दों को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जब देश में “गरीबी में आटा गीला” जैसी स्थिति बनी हुई है, तब प्रधानमंत्री लोगों को बचत करने का पाठ पढ़ा रहे हैं.
खरगे ने कहा कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने हर पहलू को सामने रखा था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अर्थव्यवस्था की स्थिति, रुपये में गिरावट, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी, खाद की कमी, फूड सिक्योरिटी पर खतरे, दवाइयों की बढ़ती कीमतों और एमएसएमई सेक्टर के संकट जैसे मुद्दों को लगातार उठाया.
खरगे ने सवाल उठाया कि जब देश इन समस्याओं से जूझ रहा था, तब प्रधानमंत्री चुनावी प्रचार और रोड शो में व्यस्त क्यों थे. उन्होंने कहा कि उस समय सरकार की ओर से कहा जा रहा था कि “स्थिति काबू में है” और “सब चंगा सी”. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अब चुनाव खत्म होने के बाद लोगों को उपदेश दिया जा रहा है कि यह मत खरीदिए, वह मत करिए, बचत करिए और घर से काम करिए. उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी 12 वर्षों की नाकामी का ठीकरा जनता पर नहीं फोड़ना चाहिए. खरगे ने गोस्वामी तुलसीदास की पंक्ति “पर उपदेश कुशल बहुतेरे” का भी उल्लेख किया.
दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा था कि केंद्र सरकार युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने नागरिकों से चुनौतियों से निपटने और देश की मदद के लिए सहयोग करने की अपील की थी. भारतीय जनता पार्टी की तेलंगाना इकाई की एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि जब सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ता है तो संकट से निपटना और मुश्किल हो जाता है.
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