
संगठन 3 महीने पहले ही भेज चुका था सूची… देपालपुर से अभी तक नहीं आए नाम
इंदौर। सालों बाद आखिरकार इंदौर (Indore) का खाता एल्डरमैन (Alderman) के नाम पर तो खुला, लेकिन उसमें भी आधा-अधूरा ही रह गया। फिलहाल सरकार (Government) ने ग्रामीण क्षेत्र की 8 नगर परिषदों में से 4 ही घोषित की है। देपालपुर (Depalpur) की चारों नगर परिषदों की घोषणा इसलिए नहीं हो सकी, क्योंकि स्थानीय विधायक ने अभी तक नाम ही नहीं पहुंचाए और न ही जिलाध्यक्ष से कोई समन्वय स्थापित किया।
देपालपुर सबसे ज्यादा नगर परिषद संख्या वाला क्षेत्र हैं। इस विधानसभा में देपालपुर, गौतमपुरा, बेटमा और हातोद जैसी नगर परिषदें आती हैं। शेष चार नगर परिषदों में दो मानपुर में मानपुर और महूगांव तथा एक-एक सांवेर और राऊ की शामिल हैं। कल राज्य सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर सांवेर, राऊ, मानपुर और महूगांव में 4-4 एल्डरमैन की घोषणा तो कर दी, लेकिन देपालपुर की 4 नगर परिषदोंं के बारे में कोई निर्णय नहीं हो सका। बताया जाता है कि अभी तक देपालपुर से नाम ही भोपाल भेजे नहीं गए, इसलिए घोषणा अटक गई। सूत्रों का कहना है कि विधायक मनोज पटेल के पास समय नहीं है और उन्होंने अपने नाम संगठन तक को सौंपे नहीं है, क्योंकि एल्डरमैन के नाम संगठन के जिलाध्यक्ष के साथ मिलकर तय किए जाते हैं। इसी चक्कर में अब चारों नगर परिषदें अटक गई। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही विधायक से मिलकर संगठन नामों की सूची भोपाल भेज सकता है।
संगठन में काम करने वालों को तवज्जो मिली
कल जिन चार नगर परिषदों के एल्डरमैन घोषित किए हैँ, उसमें संगठन के ज्यादातर नामों को तवज्जो मिली है। विधायकों की सहमति से ये नाम घोषित किए गए हैं। राऊ में विधायक मधु वर्मा और जीतू जिराजी के संयुक्त नाम थे, जिसमें चारों को ही एल्डरमैन बना दिया गया। यहां से मुकेश हरणे, अनिल जोशी, हेमंत चौधरी, मो. गुलाम को लिया गया है तो सांवेर में तुलसी सिलावट के नामों को भी तवज्जो मिली है। विवेक महस्कर, किरण जौहरी, ओपी यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं को एल्डरमैन की जवाबदारी सौंपी गई तो यहीं से पंकज जैन का नाम भी सिलावट की पसंद से जोड़ा गया। मानपुर नगर परिषद में अंकित शर्मा को छोड़ दिया जाए तो गजेन्द्रसिंह सोलंकी, विक्रम पटेल और रवि जाट संगठन की लाइन पर काम करने वाले नाम हैं। महूगांव में विधायक उषा ठाकुर, कविता पाटीदार की चली है। जहां से अंकित यादव, शीनू तिवारी, संतोष चौहान, पार्टी लाइन के हैं, उन्हें एल्डरमैन बनाया गया है, वहीं उषा ठाकुर के समर्थक जीतमल वर्मा को भी तवज्जो मिली है। कुल मिलाकर इस बार एल्डरमैन की नियुक्ति में संगठन के नामों को ज्यादा तवज्जो दी गई है। हालांकि एल्डरमैन के नाम जिलाध्यक्ष और विधायक की स्वीकृति के बाद ही भोपाल भेजे जाते हैं, जिसमें इस बार सामंजस्य देखने को मिला है।
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