
नोएडा। यूपी (UP) के नोएडा (Noida) में प्राइवेट कंपनियों (Private Companies) के कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में पुलिस का एक्शन जारी है. नोएडा पुलिस (Noida Police) ने हिंसा में शामिल दो और आरोपियों (Two more accused) को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपी हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा बिगुल मजदूर दस्ता के एक्टिव सदस्य हैं. हिमांशु लगातार हिंसा के मुख्य आरोपी आदित्य आनंद के संपर्क में था. हिंसा के दिन वह नोएडा में ही मौजूद था. हिमांशु और सत्यम के खिलाफ पुलिस को भड़काऊ गतिविधियों को अंजाम देने के सबूत मिले हैं।
इससे पहले पुलिस ने नोएडा हिंसा के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी आदित्य आनंद उर्फ रस्ती को तमिलनाडु के तिरुचापल्ली रेलवे स्टेशन से अरेस्ट किया था. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है।
पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है आदित्य आनंद
पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आदित्य आनंद ने श्रमिक प्रदर्शन को हिंसा में बदलने की साजिश रची. उसने पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया. थाना फेज-2 में उसके खिलाफ पहले ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है।
जांच में सामने आया कि बिहार के हाजीपुर का रहने वाला 28 वर्षीय आदित्य आनंद पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. वह इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है. आरोपी के खिलाफ 16 अप्रैल को कोर्ट से वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद वह फरार होकर चेन्नई और फिर तिरुचिरापल्ली भाग गया था।
पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय हिंसा तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है. एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि इस साजिश के लिए फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट कहां से मिल रहा था. आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े संगठनों के नाम सामने आ सकते हैं।
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