
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने महिलाओं (Women) के नाम एक खुला पत्र (Open Letter )लिखा है। इसमें उन्होंने कहा, अगर 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के साथ होते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र और भी मजबूत और जीवंत बनेगा। पीएम ने देश की महिलाओं को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसलिए संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ना बहुत जरूरी है।
देशभर की हमारी माताएं-बहनें और बेटियां, साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्णय की सराहना कर रही हैं। केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल से संसद की तीन दिनों की विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि इस काम में अब और देरी करना भारत की महिलाओं के साथ अन्याय होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की बेटियां अपने हक के लिए अब और ज्यादा इंतजार नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार, जब सदन में महिलाओं की आवाज बुलंद होगी, तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा।
2029 में लागू करने की आवश्यकता
संसद ने सितंबर 2023 में महिला आरक्षण कानून पास किया था। इसमें महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का नियम है। पुराने नियमों के हिसाब से यह आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता। इसका कारण यह था कि आरक्षण को जनगणना और सीटों के नए सिरे से निर्धारण (परिसीमन) की प्रक्रिया से जोड़ा गया था। अब सरकार नियमों में संशोधन कर रही है ताकि इसे 2029 के चुनाव से ही लागू किया जा सके।
महिला आरक्षण अधिनियम
इन बदलावों के पास होने के बाद लोकसभा की कुल सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी। इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए देश की करोड़ों महिलाओं से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने महिलाओं से एक खास अपील भी की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने क्षेत्र के सांसदों को पत्र लिखें। वे सांसदों को इस ऐतिहासिक सत्र में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी यह पत्र साझा किया है।
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