
जबलपुर। आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों को सरकारी अस्पतालों से निजी अस्पताल में भेजने से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। कथित ऑडियो टेप सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं। स्वास्थ्य महकमे की टीम आशीष अस्पताल में आयुष्मान योजना से इलाज कराने वाले सभी हितग्राहियों और उनके परिजनों को व्यक्तिगत रूप से सीधे फोन मिलाकर हकीकत जानेगी। उनसे यह पता लगाया जाएगा कि योजना के तहत निशुल्क उपचार दिलाने के नाम पर अस्पताल प्रबंधन, किसी चिकित्सक अथवा बिचौलिए ने पैसों की कोई अनुचित मांग तो नहीं की थी। इसके साथ ही आशीष अस्पताल में सेवाएं देने वाले शासकीय डॉक्टरों तथा डॉ. अंकुर बंसल सहित अन्य संदिग्ध चिकित्सकों की भूमिका की भी सघन पड़ताल शुरू कर दी गई है।
निजी अस्पतालों में तैनात आयुष्मान मित्रों से पूछताछ
जांच दल ने सोमवार को प्राथमिक कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए अस्पताल परिसर में पदस्थ आयुष्मान मित्र से पूछताछ की तथा संबंधित मरीज के दाखिले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। विभागीय अमला अब आशीष अस्पताल में पंजीकृत सभी हितग्राहियों के पूरे रिकॉर्ड की बारीकी से स्क्रूटनी करने जा रहा है। जांच दल यह भी सुनिश्चित करेगा कि मरीजों को उपचार के दौरान किन-किन व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ा और क्या उन्हें किसी स्तर पर अनावश्यक आर्थिक दबाव में डाला गया था।
हितग्राहियों से सीधा संपर्क कर जुटाएंगे गोपनीय फीडबैक
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने स्पष्ट किया है कि कथित ऑडियो सामने आने के उपरांत हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग अब तक इलाज करवा चुके सभी हितग्राहियों की पूरी सूची तैयार कर रहा है। फोन पर सीधे मरीजों और उनके परिजनों से वन-टू-वन बातचीत कर फीडबैक लिया जाएगा ताकि बिना किसी दबाव के असली सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी भी स्तर पर वसूली या अनियमितता साबित होती है तो संबंधितों के विरुद्ध कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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