
नई दिल्ली । लखनऊ सुपर जायंट्स (Lucknow Super Giants) के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) को आईपीएल 2026 (IPL 2026) की दूसरी जीत दिलाने में अहम योगदान रिंकू सिंह (Rinku Singh) का था। उन्हीं की बदौलत केकेआर ने 155 रन बनाए, क्योंकि आखिरी ओवर में दिग्वेश राठी के खिलाफ रिंकू सिंह ने ही 4 छक्के लगाए थे। रिंकू ने इस मैच में 51 गेंदों में नाबाद 83 रनों की पारी खेली थी। उनके अलावा 34 रन कैमरोन ग्रीन ने बनाए थे, लेकिन अन्य कोई बल्लेबाज 10 से आगे नहीं बढ़ सका था। एक समय पर केकेआर की टीम 140 के आसपास सिमटती नजर आ रही थी, लेकिन रिंकू सिंह ने अच्छी तरह से मैच को फिनिश किया। सात चौके और 5 छक्के अपनी पारी में रिंकू ने लगाए और मैच बाद बताया कि उनका प्लान इस मैच में क्या था? वे इस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच भी चुने गए।
क्या हमें आपका नाम बदलकर रिंकू संकटमोचक कर देना चाहिए? इस पर पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब हासिल करने के बाद रिंकू सिंह ने कहा, “नहीं, रिंकू ठीक है।” मुश्किल हालातों में माइंडसेट आपका क्या होता है? इस पर रिंकू ने कहा, “जब भी मैं बैटिंग करने जाता हूं और टीम पहले ही 3-4 विकेट खो चुकी होती है, तो मेरा फोकस इस बात पर होता है कि गेम को कैसे कंट्रोल किया जाए और आगे बढ़ाया जाए। मैं सोचता हूं कि स्ट्राइक कैसे रोटेट करूँ – सिंगल्स और डबल्स कैसे लूं – और कहां बाउंड्री लगा सकता हूं। मेरा मुख्य मकसद हमेशा गेम को आखिर तक ले जाना होता है।”
आज रात क्या प्लान था? इस पर रिंकू ने बताया, “प्लान सिंपल था, क्योंकि विकेट गिर चुके थे, इसलिए मैंने सेफ खेलने, सिंगल्स/डबल्स से इनिंग्स बनाने और जब भी कोई खराब बॉल मिले तो बाउंड्री मारने पर फोकस किया।” आखिरी ओवर्स की प्लानिंग पर रिंकू सिंह ने कहा, “आखिरी ओवर्स के लिए शॉट्स बचाने जैसा कोई फिक्स्ड प्लान नहीं था। मैंने बस सिचुएशन के हिसाब से रिएक्ट किया। बाद में मुझे पता चला कि एक स्पिनर बॉलिंग कर रहा है, तो मैंने उसी हिसाब से एडजस्ट किया।”
फील्डिंग पसंद है- रिंकू
वहीं, अपनी फील्डिंग पर रिंकू ने कहा, “मुझे बचपन से ही फील्डिंग पसंद रही है। मैं नैचुरली फिट हूं, इसलिए मैं तेज़ दौड़ सकता हूं और ग्राउंड को अच्छी तरह कवर कर सकता हूं। मुझे फील्डिंग करना बहुत ही ज्यादा पसंद है।” आगे रिंकू से पूछा गया कि क्या आप सुपर ओवर कैच के लिए तैयार थे? उन्होंने बताया, “सच कहूं तो, मैं उस कैच के लिए तैयार नहीं था। मुझे लगा कि बॉल कहीं और चली जाएगी, लेकिन अचानक वह मेरी तरफ आई और मैं उसे पकड़ने में कामयाब रहा।”
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