
ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) से रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी (Marriage) के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा (Fraud) सामने आया। जिस महिला की शादी हुई, वह पहले से शादीशुदा निकली और सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पता चला कि मंडप में भाई बनकर कन्यादान करने वाला व्यक्ति ही उसका असली पति था। पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी के आरोप में 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पीड़ित रतन शर्मा, जो ग्वालियर के चंद्रवदनी इलाके के रहने वाले हैं, पांच भाइयों में एक हैं और अविवाहित हैं। उनके परिवार की शादी के लिए लड़की की तलाश चल रही थी। इसी दौरान पड़ोसी सोनू तिवारी ने उनकी मुलाकात सोनू उर्फ अजय चौहान नाम के व्यक्ति से करवाई।
अजय चौहान ने खुद को लड़की का भाई बताते हुए रिश्ता तय करवाया। लड़के पक्ष को लड़की की तस्वीर पसंद आई, जिसके बाद शादी तय हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस शादी में करीब 7 लाख रुपये खर्च किए गए थे। शादी में माया देवी ने कन्यादान किया, जबकि शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार और सत्येंद्र चौहान समेत कई लोग दुल्हन के परिवार के सदस्य बनकर शामिल हुए।
कैसे खुला पूरा मामला
शादी के बाद दुल्हन ग्वालियर में रहने लगी। परिवार को उस पर शक तब हुआ जब वह लगातार किसी से फोन पर चैट करती रहती थी। एक दिन पति ने उसका मोबाइल चेक किया, जिसमें व्हाट्सऐप चैट से बड़ा खुलासा हुआ। चैट में सामने आया कि सोनू उर्फ अजय चौहान, जिसे दुल्हन का भाई बताया गया था, वही उसका पति भी है। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि यह पूरी शादी एक सुनियोजित धोखाधड़ी थी, जिसका मकसद पैसे और गहनों की ठगी करना था।
पुलिस कार्रवाई
पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने राधा, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने महिला को वन-स्टॉप सेंटर भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी सोनू चौहान को हिरासत में ले लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
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