
वॉशिंगटन। एक नई रिसर्च (Research) में सामने आया है कि फेफड़ों का कैंसर (cancer) अब केवल धूम्रपान (Smoking) करने वालों तक सीमित नहीं रहा। 50 वर्ष से कम उम्र के ऐसे लोगों में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं, जिन्होंने कभी सिगरेट नहीं पी। यह प्रवृत्ति खासतौर पर युवाओं में चिंता का विषय बन रही है।
अमेरिका के यूएससी नॉरिस कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर और केक मेडिसिन ऑफ यूएससी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस अध्ययन को अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च में प्रस्तुत किया गया। शोध में यह भी पाया गया कि युवा महिलाओं में, जो धूम्रपान नहीं करतीं, फेफड़ों के कैंसर का खतरा पुरुषों की तुलना में अधिक देखा गया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह बदलाव फेफड़ों के कैंसर के स्वरूप में हो रहे परिवर्तन की ओर इशारा करता है। इसके पीछे पर्यावरणीय कारणों की भूमिका हो सकती है, जिनकी गहराई से जांच की आवश्यकता है।
अध्ययन में 50 वर्ष से कम उम्र के करीब 187 मरीजों का विश्लेषण किया गया, जिनमें अधिकांश ने कभी धूम्रपान नहीं किया था। दिलचस्प बात यह रही कि इन मरीजों का खानपान आमतौर पर स्वस्थ माना जाता है—वे सामान्य लोगों की तुलना में अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करते पाए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध संकेत देता है कि फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को केवल धूम्रपान तक सीमित मानना अब पर्याप्त नहीं है और इसके अन्य संभावित कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved