ज़रा हटके

आदमखोर होते जा रहे हैं यहां के भालू, मुंह में लग गया है इंसानी खून

डेस्क: जापान की निंजा एक युद्धकला के तौर पर मशहूर है. लेकिन कई बार कुछ अनोखी चीजों को भी निंजा से जोड़ दिया जाता है. ऐसे में जब हम निंजा भालू के बारे में कुछ भी सुनते हैं तो हमें जापान के किसी खास तरह के भालू का अहसास होता है. पिछले कई महीनों से जापान में इन निंजा भालुओं का आंतक बढ़ता ही जा रहा है. ये भालू अब इंसानों पर भी हमला करने लगे है और उनके मुंह में खून लग गया है, लेकिन इसका कारण कम अजीब नहीं है. पिछले साल एक विशाल ‘निंजा भालू’ को आखिरकार पकड़ा गया, जो सालों से मवेशियों पर हमला कर रहा था. लेकिन मवेशियों की मौतें फिर से शुरू हो गई हैं और कभी शर्मीले भालू अब अपना भयानक ध्यान इंसानों पर केंद्रित कर रहे हैं.

जापान के पहाड़ी द्वीप होक्काइडो में एक विशाल भालू, जिसकी लंबाई 7 फीट 3 इंच थी और स्थानीय लोग उसे ओसो18 कहते थे, खेतों पर हमला कर रहा था और मवेशियों के अंदरूनी हिस्से को चीर रहा था. हमले सालों तक चलते रहे और कोई भी खून के प्यासे जानवर को पकड़ नहीं पाया, जिसके कारण इसे “निंजा” भालू कहा जाने लगा. लेकिन यह सिलसिला अब बढ़ गया है.


ये जानवर आमतौर पर मुख्य रूप से शाकाहारी और कीट आहार खाते हैं, लेकिन जापान में हिरणों की बढ़ती संख्या के कारण कथित तौर पर उनमें मांस के लिए स्वाद विकसित हो गया है. इनका पहले ज़्यादा शिकार किया जाता था, लेकिन अब शिकारी कम हैं. जो अभी भी शिकार करते हैं, वे शवों को पहाड़ों में छोड़ देते हैं, जहाँ भालू आसानी से भोजन कर सकते हैं.

कांडा यूनिवर्सिटी ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में जापानी अध्ययन के एक विशेष व्याख्याता जेफरी जे हॉल ने द मिरर को बताया कि भालू निर्जन क्षेत्रों पर कब्जा कर रहे हैं. शिकार प्रथाओं में बदलाव का भालू की संख्या पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है आमतौर पर शिकारी भालू की आबादी को नियंत्रित रखते हैं, लेकिन जापानियों की युवा पीढ़ी शहरों में चली गई है और बहुत से शिकारी अब बुजुर्ग हो गए हैं. ऐसे में भोजन की तलाश में बेखौफ खेतों में आकर हमला करने लगे हैं.

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