
नलखेड़ा। नगर में करोड़ों रूपये लागत की सान्दीपनि स्कूल की बिल्डिंग गत एक वर्ष से बनकर तैयार खड़ी है लेकिन उद्घाटन नहीं होने के कारण यह गत एक वर्ष से धूल खा रही है। वही दूसरी ओर पुराने व छोटे भवन में संचालित सान्दीपनि स्कूल में विद्यार्थियों के बैठने तक का स्थान नहीं है।
48 की तुलना में मात्र 22 कमरे
वर्तमान में जिस भवन में सान्दीपनि स्कूल संचालित हो रहा है वह विद्यार्थियों की संख्या के मान बहुत छोटा है। नए शिक्षा सत्र की विद्यार्थियों की संख्या 1600 है, जिसके मान से स्कूल संचालन के लिए 48 कक्षों की आवश्यकता है लेकिन पुराने भवन में मात्र 22 कक्ष ही है। ऐसे में एक कक्ष में दो दो कक्षाओं को लगाने की मजबूरी होगी। जोकि देश की भावी पीढ़ी के साथ सरासर अन्याय होगा।
नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों की संख्या हुई सोलह सौ
शासन द्वारा निर्धारित नियमों के चलते उक्त सान्दीपनि स्कूल में नगर सहित आसपास के अन्य स्कूल मर्ज किए जा चुके है। साथ ही निजी स्कूल की तर्ज व नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाओं में विद्यार्थियों को प्रवेश भी दिया जा चुका है। जिसके चलते सान्दीपनि स्कूल में नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों की संख्या 1600 हो चुकी है।
वाह वाही जरूरी या भावी पीढ़ी का भविष्य जरूरी
किसी भी दल की सरकार हो, अपने द्वारा किये गए कार्यों की वाह वाही लेती ही है, इसके लिए उन कार्यो का भूमि पूजन, लोकार्पण अथवा उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किये जाते है लेकिन यदि वाह वाही लेने वालों को ही फुर्सत नही हो तो उनका इंतजार कब तक किया जा सकता है। वो भी ऐसे कार्य मे जिससे देश की भावी पीढ़ी का भविष्य जुड़ा हुआ हो। उक्त मामले में भी ऐसा ही है। अब विचार इस बात का किया जाना चाहिए कि साढ़े सैतीस करोड़ रुपये के भवन की वाह वाही जरूरी है या भावी पीढ़ी का भविष्य जरूरी है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग को इस पर विचार कर नगर में एक वर्ष पूर्व से निर्मित सान्दीपनि स्कूल के नए भवन में नए शिक्षा सत्र का अध्यापन अविलंब प्रारम्भ करवाया जाना चाहिए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved