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इसी माह होना है स्वच्छता सर्वेक्षण, केंद्र की गाइड लाइन और टूलकिट की चेक लिस्ट भी झोनवार आयुक्त ने सौंपी

May 04, 2026

सौंदर्यीकरण से लेकर सभी मापदण्डों पर काम होगा शुरू
स्वच्छता में नंबर वन रहने की चुनौती, जनता की राय में फिसड््डी रहने पर अब 100 प्रशिक्षु छात्रों के साथ एनजीओ की टीम उतरी मैदान में
स्वच्छता के जोड़ीदार बनाए देपालपुर पहुंचे आज महापौर

इन्दौर। स्वच्छता (cleanliness) में लगातार नंबर वन (Number One) रहने की चुनौती का सामना निगम को हर साल करना पड़ात है, जब स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) की बारी आती है। बीते दो, तीन सालों से यह चुनौती आसान भी नहीं रही। यहां तक कि पिछली बार सूरत के साथ नंबर वन के खिताब को साझा करना पड़ा और स्वच्छता की सुपर लीग में शामिल इन्दौर को अपने जुड़वा शहर देपालपुर को भी स्वच्छता में अव्वल बनाना पड़ेगा।


  • अभी मैदानी सर्वेक्षण से पहले ऑनलाइन सिटीजन फीडबैक यानी जनता की राय भी ली जा रही है, जिसमें फिलहाल इन्दौर फिसड््डी रहा है और टापटेन में भी नहीं आ पाया। उसका 11वां नंबर है, जबकि विशाखापट््नम पहले स्थान पर और वारंगल, विजयवाड़ा, लखनऊ, वाराणसी और यहां तक कि उज्जैन भी उससे आगे रहे हैं। नतीजतन अब सिटीजन फीडबैक बढ़ाने के लिए नगर निगम ने सौ प्रशिक्षुु छात्रों की टीम के साथ एनजीओ को भी मैदान में उतारा है और मैराथान से लेकर अन्य तमाम आयोजन के जरिए भी इस फीडबैक को बढ़ाया जा रहा है। कल साइक्लोथान के माध्यम से भी स्वच्छता सर्वेक्षण के फीडबैक में इन्दौर को नंबर वन बनाने की अपील महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से की, वहीं निमगायुक्त क्षितिज सिंघल ने भी सर्वेक्षण के मद्देनजर सभी झोनल अधिकरियों से लेकर अन्य की बैठक ली, जिसमें गाइड लाइन के मुताबिक निर्धारित मापदण्डों और टूलकिट की चेक लिस्ट के आधार पर झोनवार शहर में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की, जिसमें सिटी प्रोफाइल, सौंदर्यीकरण, वाल पेंटिंग, नाला सफाई, ग्रीन वेस्ट प्रबंधन, सीएनडी वेस्ट प्रबंधन, स्टार्म वाटर लाइन सफाई, चेंबरों की सफाई, घाटों की स्वच्छता के साथ उद्यानों की स्वच्छता, सार्वजनिक शौचालयों में पानी, प्रकाश से लेकर नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था, शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय में स्वच्छता सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की गई।

    इस बार नगर निगम को स्वच्छता में नंबर वन बने रहने के लिए अपने जोड़ीदार शहर देपालपुर को भी उतना ही साफ-सुथरा करना है। हालांकि देपालपुर में बड़े परिवर्तन हुए और कचरा संग्रहण से लेकर अन्य व्यवस्थाएं की गईं। आज महापौर पुष्यमित्र भार्गव देपालपुर का दौरा करने पहुंचे और उन्होंने कहा कि जब वे पिछली बार देपालपुर आए थे, तब बिहार के चुनाव परिणाम आए और बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनी और आज भी जब वे देपालपुर पहुंचे तो पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों के परिणाम आ रहे हैं, जिसमें पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के स्पष्ट रुझान भी अभी तक मिले और पश्चिम बंगाल में कमल खिलकर एक नया इतिहास रचेगा।

    सफाई को लेकर जनता भी असंतुष्ट
    बीते दो-तीन सालों में साफ-सफाई को लेकर इन्दौर की जनता भी पहले की तरह संतुष्ट नहीं है। यह बात अलग है कि एनजीओ और अन्य तरीके से निगम आनलाइन फीडबैक में आगे कर देता है। शहरभर में चल रहे निर्माण कार्यों, यातायात जाम से लेकर अन्य समस्याएं भीषण है, जिसके चलते जनता भी वर्तमान स्थिति से अधिक खुश नहीं है। यही कारण है कि दो दिन पहले तक 24 हजार से अधिक लोगों ने ही फीडबैक दिए, जबकि गत वर्ष 4 लाख से अधिक फीडबैक प्राप्त हो गए थे। अभी कॉलेजी छात्रों, एनजीओ और अन्य के माध्यम से सिटीजन फीडबैक बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि 12500 अंकों में से सर्वेक्षण में 500 अंक इस फीडबैक के ही मिलना है। निगम का कहना है कि अभी स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने से पहले सिटीजन फीडबैक में आगे निकल जाएंगे।

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