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इंदौर में तैयार हो रहे 900 आपदा मित्र : बाढ़, आग, सड़क दुर्घटना के समय मदद के लिए रहेंगे तैयार..

August 05, 2026

रालामंडल में शुरू हुई 7 दिन की ट्रेनिंग, बाढ़, आग और हादसों में सबसे पहले संभालेंगे मोर्चा

इंदौर। आपदा (Aapda) की घड़ी में अब सिर्फ सरकारी अमले (Government personnel) पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जिले में ऐसे 900 प्रशिक्षित आपदा मित्र (900 ‘Aapda Mitras’) तैयार किए जाएंगे, जो बाढ़, आग, सड़क हादसे (floods, fires, and road accidents) और अन्य आपात परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य की पहली मजबूत कड़ी बनेंगे। इसकी शुरुआत बुधवार को एसडीआरएफ के रालामंडल स्थित प्रशिक्षण केंद्र से हुई, जहां पहले चरण में करीब 150 युवाओं ने सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया।


  • बाढ़, सूखा, भूकंप, आगजनी या मानसून के दिनों में डूब क्षेत्र में तैनात रहने वाले जवानों के साथ अब शहर के अंदर भी ऐसे युवा तैनात रहेंगे, जो देशभक्ति के साथ सेवा का जज्बा भी रखते हैं, लेकिन उन्होंने पुलिस की ट्रेनिंग या नौकरी नहीं ली है। 900 स्वयंसेवकों को रालामंडल की पहाड़ी में ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे आपदा के समय समाज के बीच रहकर सिपाही की भूमिका अदा कर सकें। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त प्रयास से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य हर क्षेत्र में ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की टीम तैयार करना है, जो संकट की पहली घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत सक्रिय हो सकें।

    सीपीआर से लेकर सर्च एंड रेस्क्यू तक सीखेंगे जीवन बचाने के गुर
    प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सीपीआर, प्राथमिक उपचार, सर्च एंड रेस्क्यू, बाढ़ राहत, आग लगने पर शुरुआती नियंत्रण, घायलों का सुरक्षित रेस्क्यू और स्थानांतरण जैसी तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर केले के तने और प्लास्टिक की बोतलों से अस्थायी नाव (राफ्ट) और स्ट्रेचर तैयार करने की तकनीक भी सिखाई जा रही है।
    आपदा आने से पहले तैयार होगी फौज
    जिले में कुल 900 आपदा मित्रों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये स्वयंसेवक किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन, एसडीआरएफ और होमगार्ड के साथ मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाएंगे। इससे आपदा के दौरान त्वरित सहायता उपलब्ध होगी और जनहानि को कम करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कंपनी कमांडेंट होमगार्ड अविनाश दिनकर के निर्देशन में किया जा रहा है।

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