
उज्जैन। भारतीय जनता पार्टी के आला नेता सार्वजनिक रूप से यह कहते हुए नहीं थकते हैं कि हमारी पार्टी में गुटबाजी नहीं है तथा संगठन ही सर्वोपरि है लेकिन गुटबाजी के कारण पिछले एक साल से नगर कार्यकारिणी की घोषणा नहीं हो पा रही है। मई में होनी थी लेकिन सितम्बर माह हो गया है। दिसम्बर माह में विवेक जोशी को अध्यक्ष बने दो वर्ष हो जाएँगे।
नगर अध्यक्ष विवेक जोशी इस संबंध में दो बार भोपाल भी हो आए हैं लेकिन मंत्री विधायक की खींचतान में और अपने समर्थकों को महामंत्री पद दिलवाने के कारण अब तक कार्यकारिणी घोषित नहीं हुई। दो-तीन बार यह घोषणा टल चुकी है। नगर महामंत्री पद पर तीन नाम होते हैं। अजा वर्ग से विधायक पारस जैन ने सत्यनारायण खोईवाल का नाम रखा है जबकि मंत्री मोहन यादव ने संजय अग्रवाल का नाम दिया है। इसी प्रकार विशाल राजोरिया का भी नाम है। महामंत्री पद पर सांसद द्वारा अमित लाला का नाम देने से खींचतान चल रही है और घोषणा अटकी हुई है। वहीं यह भी बात सामने आई है कि सिंधिया खेमे द्वारा नगर कार्यकारिणी में बड़ा पद लेने के लिए नाम भेजे गए हैं जिसे लेकर असमंजस्य की स्थिति है। मई माह में नगर कार्यकारिणी की घोषणा होनी थी जो अब तक नहीं हुई है। दिसम्बर माह में विवेक जोशी का अध्यक्ष पद का दूसरा कार्यकाल पूर्ण हुए दो वर्ष हो जाएँगे और अब तक नगर कार्यकारिणी की घोषणा न होना दिखा रहा है कि भाजपा में ऊपर भले ही सबकुछ ठीक दिखता हो लेकिन अंदर ही अंदर व्यक्तिगत निष्ठा ही चलती है। महामंत्री पद पर पेंच फंसने के कारण यहाँ घोषणा रूकी हुई है और 6 वर्ष पुरानी ही कार्यकारिणी वर्तमान में दायित्व संभाल रही है। ऐसे में बड़े नेताओं के आपस में बैठकर सहमति नहीं बनानी चाहिए।